जूबा, (दक्षिण सूडान) | एजेंसी

दक्षिण सूडान की राजधानी जूबा के बाहरी इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सिटी लिंक एविएशन का एक छोटा सेसना 208 (Cessna 208) विमान मंगलवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट समेत सवार सभी 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता (Visibility) को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। दक्षिण सूडान रेड क्रॉस के कार्यकर्ता मलबे के बीच से शवों को निकालने और राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

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यह विमान सुबह 9:15 बजे येई (Yei) से जूबा के लिए रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद, यानी 9:43 बजे इसका एटीसी (ATC) से संपर्क टूट गया। जूबा से महज 20 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में विमान क्रैश हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घटनास्थल पर मलबे से उठता धुएं का गुबार और आग की लपटें साफ देखी जा सकती हैं। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) के अनुसार, विमान में 11 दक्षिण सूडानी नागरिक, 2 केन्याई यात्री और एक पायलट सवार था।

हादसे की सूचना मिलते ही दक्षिण सूडान रेड क्रॉस की आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। उबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्ता होने के कारण राहत कार्यों में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रेड क्रॉस के सदस्य न केवल शवों को बरामद करने का काम कर रहे हैं, बल्कि पीड़ित परिवारों को सूचित करने और उन्हें मानवीय सहायता प्रदान करने में भी जुटे हैं। प्राधिकरण ने दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी है।

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दक्षिण सूडान जैसे देश में, जहां पहले से ही संघर्ष और गरीबी की चुनौतियां हैं, इस तरह के विमान हादसों ने हवाई यात्रा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने विमानों और प्रतिकूल मौसम के बीच उड़ानों का संचालन अक्सर जोखिम भरा होता है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा, लेकिन फिलहाल पूरे देश में इस घटना को लेकर शोक की लहर है।

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