World News: सूडान के दारफुर क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा ने लोगों के जीवन को पूरी तरह झकझोर दिया है। मर्रा पर्वत श्रृंखला के तारासिन गांव में रविवार को आए भयंकर भूस्खलन ने पूरे गांव को मलबे में दफन कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और केवल एक ही व्यक्ति जीवित बच पाया है।

गांव के बाकी सभी लोग मिट्टी और पत्थरों के नीचे दब गए। लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को तबाह कर दिया। स्थानीय संगठन सूडान लिबरेशन आर्मी ने बताया कि सैकड़ों शव अब भी मलबे में दबे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो रहा है। यह गांव सिट्रस (खट्टे फलों) की खेती के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन अब पूरा इलाका उजड़ चुका है।

दारफुर के गवर्नर मिननी मिनावी ने इस आपदा को “मानवता से परे त्रासदी” बताते हुए कहा कि हमारी जनता अकेले इस बोझ को नहीं उठा सकती। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तुरंत मदद की अपील की है।

गौरतलब है कि सूडान पहले से ही गहरे संकट में है। यहां सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच संघर्ष जारी है, जिससे देश भुखमरी और विस्थापन की बड़ी चुनौती झेल रहा है। अब तक करीब 1 करोड़ लोग देश के भीतर ही बेघर हो चुके हैं, जबकि 40 लाख से ज्यादा लोग पड़ोसी देशों में शरण लेने को मजबूर हैं।

युद्ध की वजह से राहत एजेंसियों के लिए दारफुर के कई हिस्सों तक पहुंचना भी बेहद कठिन है। ऐसे हालात में भूस्खलन से हुई यह तबाही वहां की जनता के लिए और गहरी त्रासदी लेकर आई है।

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