रांची :  राजधानी को देश के सबसे साफ शहरों की अग्रणी श्रेणी में लाने के लिए नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। 2 फरवरी 2026 को नगर प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ के मानकों पर खरा उतरना और शहर की रैंकिंग में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करना था।

नागरिक सहभागिता से बदलेगी शहर की सूरत

प्रशासक सुशांत गौरव ने बैठक में स्पष्ट किया कि किसी भी शहर की स्वच्छता केवल बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण के ‘टूलकिट’ के आधार पर गैप असेसमेंट (खामियों का आकलन) करें और मौजूदा चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण शहर के व्यापक ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ का एक सुनहरा अवसर है।

सख्ती और जागरूकता : निगम के प्रमुख दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान प्रशासक द्वारा कई कड़े और सुधारात्मक निर्देश दिए गए:

  • बीट प्लान और विजिबल क्लीनलीनेस: शहर में सफाई संसाधनों को ‘बीट प्लान’ के अनुसार तैनात किया जाएगा ताकि सड़कों पर सफाई स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

  • कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई: सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा डंप करने वालों की निगरानी की जाएगी और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

  • स्वच्छ स्कूल प्रतियोगिता: सरकारी और निजी स्कूलों के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • ड्रेनेज और वाटर बॉडीज: नालियों की विशेष सफाई (ड्रेन क्लीनिंग) और शहर के जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष फोकस रहेगा।

  • ट्विन बिन का उपयोग: आम जनता में नीले और हरे कचरे के डिब्बे (Twin Bin) के सही उपयोग की आदत डालने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक रविंद्र कुमार और गौतम प्रसाद साहू सहित सभी वार्ड स्वच्छता पर्यवेक्षक और नगर प्रबंधक उपस्थित थे। प्रशासक ने सभी कर्मियों को चेतावनी दी कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निरंतर निगरानी और सुधार सुनिश्चित करें, ताकि राँची इस बार राष्ट्रीय स्तर पर गौरव हासिल कर सके।

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