रांची। शहर में सुचारु यातायात और नियोजित शहरी विकास को लेकर रांची नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम ने सभी बिल्डरों और लाइसेंस प्राप्त तकनीकी व्यक्तियों (LTP) को स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि स्वीकृत भवन नक्शे की आड़ में पथ चौड़ीकरण हेतु चिन्हित भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा जारी आम सूचना में बताया गया है कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कई निर्माण स्थलों पर स्वीकृत भवन योजना के बावजूद सड़क चौड़ीकरण के लिए छोड़ी गई जमीन पर अवैध निर्माण कर लिया गया है। इससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह न केवल शहरी व्यवस्था को बाधित कर रहा है, बल्कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और झारखंड भवन उपविधि 2016 का भी सीधा उल्लंघन है।

नगर निगम ने निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर पथ चौड़ीकरण की भूमि छोड़ी नहीं गई है, वहां की सभी संरचनाएं 5 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से हटा ली जाएं तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित बिल्डर अथवा LTP को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित निर्माणकर्ता की होगी।

इसके अलावा नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो निगम स्वयं कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाएगा और उस पर आने वाला पूरा खर्च भवन मालिक या बिल्डर से वसूला जाएगा।

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