रांची: राजधानी के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार की सुबह जब रातू थाना क्षेत्र के चित्तरकोटा के लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी एक विशालकाय जंगली हाथी ने पूरे इलाके में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

हमले की आंखों देखी

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस प्रशासन के अनुसार, मृतक की पहचान सुबोध खलखो के रूप में हुई है। वहीं, इस हमले में रौशन खलखो नामक युवक का पैर टूट गया है और उसे गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि सुबह-सवेरे हाथी को देखते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और वन विभाग ने शुरुआती कोशिशों में हाथी को खदेड़कर जंगल की ओर भेज दिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद गजराज फिर से रिहायशी इलाके में लौट आए और रास्ते में आए ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया।

खौफ के साये में ग्रामीण

यह कोई पहली घटना नहीं है। महज तीन दिन पहले ही रांची के हटिया जैसे घने रिहायशी इलाके में हाथी को घूमते देखा गया था। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का इस तरह बार-बार बस्तियों की ओर आना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। फिलहाल, चित्तरकोटा और आसपास के इलाकों में धारा 144 जैसा सन्नाटा है, क्योंकि हाथी अब भी पास के ही झाड़ियों या खेतों में छिपा हो सकता है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे हाथी के करीब जाने या उसे छेड़ने की कोशिश न करें। विभाग ने अपनी गश्ती टीम को तैनात कर दिया है और ‘मशाल’ व अन्य संसाधनों के जरिए हाथी को गहरे जंगल में वापस भेजने की रणनीति बनाई जा रही है।

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