रजाई छोड़ो, धूप ओढ़ो! सर्दियों में भी गर्मी का अहसास देंगी ये 5 जगहें
उत्तर भारत की कड़ाके की ठंड से बचना है? गोवा की लहरों से लेकर लक्षद्वीप के नीले पानी तक, ये हैं भारत की वो जगहें जहाँ सर्दियों में भी रहती है खुशनुमा गर्माहट।
Travel News in India: जब उत्तर भारत में कोहरे की चादर और बर्फीली हवाएं लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर देती हैं, तब देश के कुछ हिस्से ऐसे भी होते हैं जहाँ ‘सर्दी’ सिर्फ कैलेंडर में आती है, मौसम में नहीं। अगर आप भी कड़ाके की ठंड और रजाई से ऊब चुके हैं, तो भारत के इन समुद्री और ट्रॉपिकल ठिकानों का रुख करें। यहाँ न तो आपको भारी जैकेट की जरूरत पड़ेगी और न ही हीटर की। सुबह-शाम की हल्की ठंड और दिन भर की गुनगुनी धूप आपकी छुट्टियों को यादगार बना देगी। आइए जानते हैं कुछ ऐसी जगह के बारे में-
सर्दियों की छुट्टियों में गोवा जाना अच्छा है। दिसंबर–जनवरी में यहां का मौसम सुहावना और हल्का गर्म रहता है, जो समुद्र किनारे समय बिताने के लिए सही होता है। बीच पर बैठकर सनबाथिंग करना, लहरों में नहाना और बीच पार्टी का आनंद लेना सर्दियों में भी पूरी तरह संभव है। कैंडोलिम, बागा और कोलवा जैसे खूबसूरत बीच पर्यटकों को खासा आकर्षित करते हैं। इस मौसम में वॉटर स्पोर्ट्स, क्रूज नाइट और मस्ती से भरी नाइटलाइफ का भी जमकर लुत्फ उठाया जा सकता है। आमतौर पर तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।
लक्षद्वीप : सूरज की गोद में बसी नीली दुनिया
यह सूरज की गोद में बसी नीली दुनिया है, जहां सालभर ठंड नहीं रहती है। सर्दियों में भी यहां पानी गुनगुना, आसमान साफ और कोरल रीफ अपनी पूरी खूबसूरती में नजर आते हैं। लक्षद्वीप में स्नॉर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग के साथ मिनिकॉय और कवरत्ती द्वीपों की सैर का आनंद लिया जा सकता है।
सर्दियों में ट्रॉपिकल एहसास के लिए अंडमान-निकोबार जाना एक शानदार विकल्प है। यहां सर्दी सिर्फ कैलेंडर में नजर आती है, मौसम में नहीं। समुद्र का पानी गुनगुना रहता है, जहां घंटों बैठा जा सकता है। यात्रा में हैवलॉक बीच, सेलुलर जेल म्यूजियम और ग्लास बोट राइड का आनंद लिया जा सकता है।
अल्लेप्पी (केरल): हाउसबोट की सवारी और समुद्री हवाएं
अल्लेप्पी (अलप्पुझा) में ठंड ज्यादा नहीं पड़ती। दिसंबर से फरवरी के बीच यहां का तापमान आमतौर पर 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रहता है। दिन में हल्की गर्मी और नमी महसूस होती है, जबकि सुबह और शाम का मौसम सुहावना रहता है। ठंडी हवाओं की जगह यहां समुद्री हवा चलती है, जो मौसम को आरामदायक बना देती हैं। इसलिए अल्लेप्पी सर्दियों में भी गर्म और प्लेजेंट बना रहता है।
पुडुचेरी : फ्रेंच वाइब्स और सुहावनी शामें
पुडुचेरी में सर्दियों के मौसम में भी ज्यादा ठंड नहीं पड़ती है। दिसंबर से फरवरी के बीच यहां का तापमान आमतौर पर 18 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। दिन में हल्की सी गर्मी महसूस होती है, जबकि सुबह और शाम का मौसम सुहावना रहता है। समुद्र के किनारे होने की वजह से यहां नमी बनी रहती है, जिस वजह से यहां सर्दियों में ह्यूमिडिटी महसूस हो सकती है। इसलिए पुडुचेरी सर्दियों में घूमने लायक शानदार जगह है।