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Astrology News (Ranchi): वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर छोटी-बड़ी वस्तु की एक निश्चित ऊर्जा होती है। अक्सर हम घर बनवाते समय साज-सज्जा पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन घर के बाहर या प्रवेश द्वार पर लगे बिजली के मीटर की दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली का मीटर केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। यदि यह गलत दिशा में लगा हो, तो घर में आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बेवजह का पारिवारिक कलह पैदा हो सकता है।
विद्युत उपकरणों के लिए श्रेष्ठ है ‘आग्नेय कोण’
बिजली का सीधा संबंध अग्नि तत्व से है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अग्नि तत्व की सबसे उपयुक्त दिशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) मानी जाती है। यदि बिजली का मीटर इस दिशा में लगा हो, तो यह घर के स्वास्थ्य और ऊर्जा संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) भी समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। सही दिशा में लगा मीटर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-शांति लाता है।
गलत दिशा में मीटर होने के नुकसान
यदि मीटर गलत दिशा में स्थापित है, तो आपको निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
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आर्थिक परेशानियां: बेवजह खर्च बढ़ना और कर्ज की स्थिति पैदा होना।
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स्वास्थ्य मुद्दे: घर के सदस्यों में मानसिक तनाव, अनिद्रा और चिड़चिड़ापन।
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तकनीकी खराबी: बार-बार बिजली गुल होना, फ्यूज उड़ना या मीटर में तकनीकी खराबी आना।
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घरेलू कलह: छोटी-छोटी बातों पर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद।
बिना मीटर हटाए ऐसे दूर करें ‘वास्तु दोष’
कई बार बिजली के मीटर की दिशा बदलना संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में आप कुछ सरल वास्तु उपायों के जरिए नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं:
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दीपक जलाएं: प्रतिदिन शाम को दक्षिण-पूर्व कोने में सरसों के तेल का दीपक जलाना लाभकारी होता है।
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चिन्ह का प्रयोग: मीटर के पास कुमकुम या लाल रंग से ‘स्वस्तिक’ का चिन्ह अंकित करें।
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उपाय: मीटर के पास लाल कपड़ा बांधना या वहां तुलसी का पौधा रखना सकारात्मकता बढ़ाता है।
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स्थानांतरण: यदि संभव हो, तो अगली बार मरम्मत या नए कनेक्शन के समय मीटर को आग्नेय कोण में ही शिफ्ट करवाएं।
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