Ranchi News : अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति कोऑर्डिनेशन कमिटी ने झारखंड में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। रविवार को मान्या पैलेस, मोरहाबादी में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राजू राम और संचालन संतोष कुमार रजक ने किया।

बैठक में सबसे पहले पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के नेताओं उपेंद्र कुमार रजक, संतोष रजक, राजू राम, कमलेश राम और गोविंदा वाल्मीकि ने संयुक्त रूप से कहा कि 15 अगस्त के बाद प्रमंडल स्तर पर विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।

मुख्य मांगें
समिति ने कई अहम मुद्दों पर जोर दिया, जिनमें अनुसूचित जाति आयोग का गठन, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र की व्यवस्था में सुधार, सफाई कर्मचारी आयोग का गठन, जेपीएससी व महिला आयोग सहित बोर्ड व निगमों में अनुसूचित जाति समाज को संविधान के अनुरूप प्रतिनिधित्व देना शामिल है। इसके अलावा, समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग और नए विधानसभा भवन व हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा लगाने की भी मांग रखी गई।

महाधरना और जिला-स्तरीय कार्यक्रम
समिति ने घोषणा की कि महाधरना के पहले चरण में बोकारो, जमशेदपुर, पलामू, लातेहार, चतरा, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, दुमका और चाईबासा में एक साथ धरना दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों में अनुसूचित जाति समाज के सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।

विधानसभा घेराव का ऐलान
समिति ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा घेराव किया जाएगा। साथ ही, “दलित महाजुटान” नाम से एक विशाल रैली भी निकाली जाएगी, जिसमें राज्यभर से हजारों लोग शामिल होंगे।

बैठक में उपस्थित सदस्य
बैठक में वंशलोच राम, अशोक रजक, जगदीश दास, राजू रजक, दिलीप भुईयां, टूना रजक, जीवन राम, शिवजी राम, बिहारी राम, अर्चना मिर्धा, बजरंग रजक, संतोष रबी, गोविंदा वाल्मीकि, छोटू पासवान सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।

अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति का यह कदम झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, क्योंकि उनकी मांगें सीधे सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी हैं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस आंदोलन से पहले उनके साथ कोई संवाद स्थापित करती है या हालात टकराव की ओर बढ़ते हैं।

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