जमशेदपुर: लोहनगरी जमशेदपुर के पॉश इलाके एग्रिको में सोमवार की सुबह खुशियों और शांति की जगह चीख-पुकार और मातम लेकर आई। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के रोड नंबर-2 स्थित क्वार्टर संख्या एल5/13 में एक सेवानिवृत्त टाटा स्टील कर्मचारी ने ऐसी खूनी पटकथा लिखी, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया। आरोपी रविन्द्र प्रसाद सिंह ने रविवार की रात अपनी पत्नी, जवान बेटे और गर्भवती बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
खुद फोन कर दी पुलिस को सूचना
इस वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या करने के बाद आरोपी भागने के बजाय पूरी रात घर के अंदर ही तीनों शवों के पास बैठा रहा। सोमवार सुबह उसने खुद ‘डायल-100’ पर फोन कर पुलिस को बताया, “मैंने अपने परिवार को खत्म कर दिया है।” पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो मंजर देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए। घर के भीतर सरिता सिंह (55), पुत्र रविशेक कुमार (30) और विवाहित व गर्भवती पुत्री सुप्रिया सिंह (31) के लहुलुहान शव पड़े थे।
विवाद या मानसिक तनाव?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रविन्द्र प्रसाद सिंह इसी साल फरवरी में टाटा स्टील से रिटायर हुए थे। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद से ही घर में आर्थिक या अन्य कारणों को लेकर लगातार कलह और मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, एक पिता और पति अपनी ही संतान और जीवनसंगिनी का हत्यारा कैसे बन गया, इसकी ठोस वजह अब तक सामने नहीं आई है।
हाई प्रोफाइल इलाके में सनसनी
जिस जगह यह वारदात हुई, वह शहर का बेहद सुरक्षित और शांत इलाका माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का निजी आवास भी यहाँ से कुछ ही दूरी पर है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और सिटी एसपी ललित मीणा दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खून से सनी कुल्हाड़ी और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
सिटी एसपी के निर्देश पर पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है। आरोपित रविन्द्र को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह अचानक उपजे गुस्से का परिणाम था या इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और प्रकृति का खुलासा होगा।



