Ranchi News : 30 जून 2025 को संथाल आदिवासी समुदाय द्वारा देशभर में हूल दिवस मनाया गया, जो सिद्धो मुर्मू और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में 1855-56 के ऐतिहासिक संथाल विद्रोह की स्मृति में हर साल आयोजित होता है। इसी अवसर पर केन्द्रीय सरना समिति ने भोगनाडीह (साहिबगंज) में माल्यार्पण कर सिद्धो-कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित की।

केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पावन दिन को हेमंत सोरेन सरकार ने शर्मनाक बना दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धो-कान्हू के वंशजों को उनके पूर्वजों की पूजा करने से रोका गया और जब आदिवासी समाज ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले बरसाए।

बबलू मुंडा ने इसे “हिटलरशाही रवैया” बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ आदिवासी संस्कृति का अपमान है, बल्कि वीर बलिदानियों की धरती को संघर्ष का मैदान बना देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरना समिति के महासचिव महादेव टोप्पो ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया और इसे आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर हमला बताया।

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