रांची: राजधानी का ऐतिहासिक मोराबादी मैदान एक बार फिर ग्रामीण संस्कृति और हुनर के रंगों में सराबोर होने के लिए तैयार है। 9 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित होने वाले ‘राज्य हथकरघा एवं सरस मेला’ का बिगुल बज चुका है। मेला समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मेले का विधिवत उद्घाटन 9 मार्च को राज्य के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
कारीगरों के हुनर को मिलेगा बड़ा मंच
इस मेले का मुख्य उद्देश्य झारखंड के सुदूर क्षेत्रों में छिपे हुनर को वैश्विक पहचान दिलाना है। मेले में राज्य के विभिन्न जिलों से आए बुनकर, स्वयं सहायता समूह (SHG) और ग्रामीण कारीगर अपने हस्तशिल्प और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। लोगों को यहाँ सीधे कारीगरों से जुड़ने और उनके द्वारा तैयार किए गए बेहतरीन सूती व रेशमी वस्त्र, गृह सज्जा के सामान और अन्य उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सांस्कृतिक संध्या और स्थानीय व्यंजनों का तड़का
खरीदारी के साथ-साथ मेले में आने वाले लोगों के मनोरंजन का भी पूरा ख्याल रखा गया है। हर शाम यहाँ राज्य की लोक कलाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा, फूड कोर्ट में झारखंड के विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ लोग धुस्का, पीठा और मड़ुआ रोटी जैसे स्थानीय पकवानों का स्वाद ले सकेंगे।



