Ranchi News : राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्व संवर्धन एवं संधारण प्रणाली को मजबूती प्रदान करना था, जिससे टैक्स संग्रहण प्रक्रिया और आमजन से संवाद बेहतर हो सके।

इस विशेष प्रशिक्षण का आयोजन नगर निगम रांची के उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में Project Management Unit (PMU) और M/s Choice Consultancy की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम में नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी, एजेंसियों के प्रतिनिधि और टेक्निकल टीम के सदस्य शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत में चॉइस कंसल्टेंसी द्वारा एक विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया जिसमें नागरिकों को दी जाने वाली छूट (Rebate), डिजाइनों एवं टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया, लंबित मामलों (Pending Cases) और शुरुआत में होने वाली त्रुटियों को ठीक करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, यूज़र चार्ज और वॉटर टैक्स से संबंधित नियमों और फील्ड लेवल की समस्याओं पर गहन मंथन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आम नागरिकों की शिकायतों और भ्रम को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना बेहद जरूरी है।

उप प्रशासक श्री साहू ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी राजस्व प्रणाली को पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए टीम वर्क, सर्वे और तकनीकी समाधानों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने डोर-टू-डोर सर्वे को और अधिक व्यवस्थित व सटीक बनाने की बात कही ताकि असंगठित भवनों को टैक्स दायरे में लाया जा सके।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी लंबित फाइलों और विवादित टैक्स मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए टाइम-बाउंड कार्य योजना तैयार की जाए, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्यों को सफलता पूर्वक प्राप्त किया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान IEC (Information Education & Communication) गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को समय रहते टैक्स भुगतान, फाइलिंग और रिबेट से संबंधित जानकारी देना है, ताकि समय पर भुगतान को बढ़ावा मिले और रेवेन्यू कलेक्शन में मजबूती आए।

कार्यक्रम में चंद्रदीप कुमार, निकेश कुमार, निहारिका तिर्की समेत निगम के जल आपूर्ति, लेखा, राजस्व और अन्य शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की यह पहल न केवल शहर की राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह नागरिक सुविधा में भी एक नई क्रांति ला सकती है।

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