रांची/नई दिल्ली : भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के फलक पर उर्दू एक ऐसी भाषा है जिसने सदियों से दिलों को जोड़ने का काम किया है। हाल ही में ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन’ (UDISE) द्वारा जारी आंकड़ों ने इस भाषा के शैक्षणिक आधार को एक नई पहचान दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, आज भारत में 28,276 उर्दू माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उर्दू केवल साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षा का एक सशक्त माध्यम भी है। इनमें से 16,382 स्कूल सीधे तौर पर राज्य सरकारों के अधीन चल रहे हैं । यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत की धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रणाली में उर्दू भाषा को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।
राज्यों की स्थिति : महाराष्ट्र और कर्नाटक का वर्चस्व
अगर हम आंकड़ों की गहराई में उतरें, तो महाराष्ट्र इस सूची में सबसे ऊपर आता है । यहाँ कुल 5,282 उर्दू स्कूल हैं, जिनमें से 2,832 सरकारी हैं। इसके ठीक पीछे कर्नाटक खड़ा है, जहाँ 5,227 स्कूलों के साथ एक बड़ा शैक्षणिक ढांचा मौजूद है। यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि कर्नाटक में सरकारी उर्दू स्कूलों की संख्या (4,125) पूरे देश में सबसे अधिक है।
आंध्र प्रदेश (4,067 स्कूल) और बिहार (3,224 स्कूल) भी उर्दू शिक्षा के गढ़ माने जा सकते हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश (3,459 स्कूल) में एक दिलचस्प विरोधाभास देखने को मिलता है। यहाँ स्कूलों की कुल संख्या तो अधिक है, लेकिन सरकारी उर्दू स्कूलों की संख्या मात्र 175 है, जिसका अर्थ है कि यहाँ निजी और अल्पसंख्यक संस्थान इस भाषा के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
प्रमुख राज्यों का तुलनात्मक विवरण
| Sn | State | Total Urdu School | Run by Govt |
| 1 | Maharashtra | 5282 | 2832 |
| 2 | Karnatak | 5227 | 4125 |
| 3 | Andhra Pradesh | 4067 | 3141 |
| 4 | Uttar Pradesh | 3459 | 175 |
| 5 | Bihar | 3224 | 2597 |
| 6 | West Bengal | 1610 | 911 |
| 7 | J & K | 1367 | 1227 |
| 8 | Madhya Pradesh | 941 | 210 |
| 9 | Jharkhand | 913 | 463 |
| 10 | Rajasthan | 574 | 44 |
| 11 | Orissa | 283 | 148 |
| 12 | Tamil Nadu | 280 | 66 |
| 13 | Gujrat | 144 | 130 |
| 14 | Chhattisgarh | 133 | 11 |
| 15 | Uttarakhand | 124 | 20 |
| 16 | Delhi | 113 | 101 |
| 17 | Assam | 68 | 09 |
| 18 | Goa | 33 | 23 |
| 19 | Haryana | 18 | Private |
| 20 | Punjab | 04 | Private |
| 21 | Manipur | 04 | Private |
| 22 | Tripura | 03 | 03 |
| 23 | Kerala | 02 | Private |
| 24 | Meghalaya | 01 | Private |
| 25 | Sikkim | 01 | 01 |
झारखंड का गौरवशाली इतिहास : 100 साल पुरानी विरासत
झारखंड, विशेषकर राजधानी रांची और आसपास के जिलों में उर्दू शिक्षा का इतिहास आजादी के आंदोलन से भी पुराना है। यहाँ के स्कूल केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि एक पूरी सभ्यता को संजोए हुए हैं।
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मदरसा इस्लामिया (रांची): 1917 में स्थापित यह संस्थान आज भी हायर सेकेंडरी स्तर पर छात्र-छात्राओं को शिक्षित कर रहा है । यह 100 साल से भी अधिक पुरानी विरासत का प्रतीक है।
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यूपीजी हाई स्कूल (मसमानो, रांची): इस स्कूल की नींव 1929 में रखी गई थी, जो इसे क्षेत्र का एक ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र बनाता है ।
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राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय (गढ़वा): 1932 में स्थापित यह विद्यालय पिछले नौ दशकों से शिक्षा की मशाल जलाए हुए है।
इनके अलावा, झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे धनबाद, बोकारो और हजारीबाग में कई ‘उत्क्रमित उर्दू मिडिल स्कूल’ कार्यरत हैं जो ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं ।
| SN | School Name & Address | Established | Stream |
| 1 | Urdu Middle School, Balsokra, Chanho, Ranchi | 1937 | Co-Educational (1-8) |
| 2 | Govt. Utkramit Urdu Middle School, Nagri, Ranchi | 1952 | Co-Educational (1-8) |
| 3 | Govt. Upgraded Urdu Middle School, Patratoli, Thakurgaon, Burmu, Ranchi | 1965 | Co-Educational (1-8) |
| 4 | Utkramit Urdu Madhya vidyalay, Kute, Ormanjhi, Ranchi | 1952 | Co-Educational (1-8) |
| 5 | Urdu Prathmik Vidyalay, Khijurtoli, Kanke, Ranchi | 1952 | Co-Educational (1-5) |
| 6 | Urdu Utkramit Kanya Madhya Vidyalay, Nevri, Kanke, Ranchi | 1952 | Co-Educational (1-8) |
| 7 | Utkramit Urdu Middle School, Kanchandih, Nirsa, Dhanbad | 1956 | Co-Educational (1-8) |
| 8 | Upgraded Urdu Middle School, Manjhladih, Gandey | 1950 | Co-Educational (1-8) |
| 9 | Govt. Urdu Middle School, Toto, Gumla | — | Co-Educational (1-8) |
| 10 | Utkramit Urdu Middle School, Hesabatu, Chas, Bokaro | 1956 | Co-Educational (1-8) |
| 11 | Utkramit Urdu+2 Uchch Vidyalay, Ragdih, Hazaribagh | 1965 | Co-Educational (1-8) |
| 12 | Rajkiya Urdu Madhya Vidyalay, Dudhwal, Gadhwa | 1932 | Co-Educational (1-8) |
| 13 | Madarsa Islamiya, Ward-27, RMC, Ranchi | 1917 | Co-Educational, High Secondary |
| 14 | Govt. UPG High School Masmano, Chatwal, Ranchi | 1929 | Co-Educational, Secondary |
| 15 | Rayeen High School, Ward-26, RMC, Ranchi | 1967 | Girls, Upper Primary, Secondary, High Secondary (6-12) |
| 16 | Madarsa Nurul Ulum Bijuliya, Bijuliya, Ranchi | 1972 | Co-Educational, Secondary |
| 17 | Madarsa Diniya, Pathal Kuduwa, Ward-16, RMC, Ranchi | 1974 | Co-Educational, Secondary |
| 18 | Shamima Balika Urdu High School, Itki | 1978 | Girls, Upper Primary, Secondary (6-10) |
| 19 | Idrisiya Tanzeem Minority Urdu School, Ward-27, RMC, Ranchi | 1980 | Co-Educational, Secondary |
| 20 | Mohsinath High School, Patra Toli, Kanke, Ranchi | 1982 | Co-Educational, Secondary |
| 21 | Madarsa Islamiya, Kokdoro, Ranchi | 1987 | Co-Educational, Secondary |
| 22 | Madarsa Islamiya Nooriya, Azad Coloy, Ward-11, RMC, Ranchi | 1992 | Co-Educational, Secondary |
| 23 | Utkramit Urdu Middle School, Karmatand, Tundi, Dhanbad | — | Co-Educational (1-8) |
| 24 | Urdu Middle School, Chitro, Topchanchi, Dhanbad | — | Co-Educational (1-8) |
महिला शिक्षा और सामाजिक बदलाव
इन आंकड़ों के पीछे एक सुखद तस्वीर महिला शिक्षा की भी है। रांची के शमीमा बालिका उर्दू हाई स्कूल (इटकी) और राईन हाई स्कूल (RMC) जैसे संस्थान यह साबित कर रहे हैं कि उर्दू माध्यम से बेटियाँ भी ऊँची उड़ान भरने को तैयार हैं । ये स्कूल न केवल भाषा सिखा रहे हैं, बल्कि आधुनिक विषयों के साथ लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं ।
झारखंड के ‘मॉडल’ स्कूलों की सूची में उत्क्रमित उर्दू कन्या मध्य विद्यालय (नेवरी, कांके) जैसे नाम शामिल हैं, जो विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को समर्पित हैं ।
चुनौतियां और संभावनाएं
आंकड़ों के अनुसार, जहाँ गोवा, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे छोटे राज्यों में भी उर्दू शिक्षा की मौजूदगी है, वहीं पंजाब, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों में यह मुख्य रूप से निजी हाथों में है । केरल और पंजाब में ये स्कूल पूरी तरह ‘प्राइवेट’ श्रेणी में रखे गए हैं, जो दर्शाता है कि यहाँ सरकारी स्तर पर और अधिक प्रोत्साहन की आवश्यकता हो सकती है। वहीं, झारखंड के उर्दू स्कूलों में सरकार काे बेहतर मार्गदर्शन के साथ-साथ आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।



