India News: पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल से दुनिया को भारत की लोकतांत्रिक शक्ति का परिचय कराया। राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन करते हुए पीएम ने साफ कहा कि भारत के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है। उन्होंने गौरव के साथ बताया कि आज भारत ‘UPI’ से लेकर ‘वैक्सीन’ तक हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।

वैश्विक पटल पर भारत की धमक: स्टार्टअप से लेकर रेलवे तक

पीएम ने देश की आर्थिक और तकनीकी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम और तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार है। चाहे वह इस्पात उत्पादन में दूसरा स्थान हो या दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनना, भारत की मौजूदगी अब हर वैश्विक टेबल पर अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र ‘परिणाम’ देता है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोगों का गरीबी की रेखा से बाहर निकलना है।

नारी शक्ति का नेतृत्व और 98 करोड़ मतदाताओं का महाकुंभ

पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की विशालता का जिक्र करते हुए 2024 के आम चुनाव को मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक उत्सव बताया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज भारत की राष्ट्रपति एक महिला हैं और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। उन्होंने बताया कि भारत के स्थानीय निकायों में 15 लाख महिला प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक बेजोड़ उदाहरण है।

विविधता का उत्सव और ‘सेवा परमो धर्म:’

महामारी के दौर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में 150 से अधिक देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजकर मानवता की सेवा की। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सैकड़ों भाषाओं और हजारों अखबारों के साथ भारत इस विविधता का उत्सव मनाता है क्योंकि हमारे लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं।

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पीएम ने विश्वास जताया कि भारत का यह मजबूत लोकतांत्रिक आधार आने वाले समय में न केवल देश को बल्कि पूरी मानवता को प्रगति और समावेशन की नई राह दिखाएगा।

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