Ranchi News : झारखंड में बहुचर्चित मनरेगा घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ट्रायल का सामना कर रहीं सीनियर आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा को पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दोनों की पासपोर्ट रिलीज करने की याचिका को खारिज कर दिया है।
पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें अगस्त माह में अपनी बेटी के अमेरिका में कॉलेज नामांकन के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाए, इसलिए उनका पासपोर्ट वापस किया जाए। फिलहाल, दोनों का पासपोर्ट अदालत में जमा है और कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना वे देश नहीं छोड़ सकते।
शनिवार को इस याचिका पर दोनों पक्षों की सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को विशेष पीएमएलए न्यायाधीश की अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट का कहना है कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जब तक जांच व ट्रायल में निर्णायक प्रगति नहीं होती, तब तक आरोपियों को देश से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
ईडी की ओर से सरकारी विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अतीश कुमार ने कोर्ट में यह दलील दी कि पूजा सिंघल को हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित रहना आवश्यक है। वहीं, अभिषेक झा का पासपोर्ट पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कोर्ट में जमा है। ऐसे में उन्हें विदेश भेजने की अनुमति देना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
इस मामले में ईडी द्वारा पूजा सिंघल के खिलाफ मजबूत साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं, जबकि अभिषेक झा के खिलाफ अभी आरोप तय होना बाकी है। कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में अदालत बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी आरोपी को राहत देने के पक्ष में नहीं है जब तक जांच पूरी तरह से निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती।



