Ranchi News : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित सहायक आचार्य (भाषा विषय) पद की भर्ती प्रक्रिया में मदरसा आलिम ऑनर्स प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। DV(दस्तावेज़ सत्यापन) प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद रिजल्ट जारी न होने से अभ्यर्थियों में गहरा रोष और निराशा है।

इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को प्रभावित अभ्यर्थी जेएसएससी कार्यालय के बाहर जमा हुए और जोरदार नारेबाजी की। उनका स्पष्ट कहना है कि आयोग का यह कदम न केवल नियम-विरुद्ध है बल्कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।

इस दौरान झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने मौके पर पहुंचकर अभ्यर्थियों से मुलाकात की और कहा कि जेएसएससी लगातार मनमानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आलिम-फाजिल की परीक्षा आयोजित की जाती है, जो स्नातक और स्नातकोत्तर के समकक्ष मानी जाती है। इन अभ्यर्थियों ने बीएड, डीएलएड जैसे प्रशिक्षण कोर्स भी पूरे किए हुए हैं।

एस अली ने याद दिलाया कि इससे पहले प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के उर्दू शिक्षक पदों पर भी आलिम प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है। ऐसे में सहायक आचार्य (भाषा विषय) पद के लिए रिजल्ट से उन्हें बाहर रखना पूरी तरह अन्याय है।

अभ्यर्थियों ने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और रिजल्ट जारी करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में मो. एजाज आलम, फहीमउद्दीन अंसारी, मुस्लिम अंसारी, शेर अहमद (पलामू), नौशाद अली (बोकारो), हिफजुर रहमान (रांची), मुबारक अंसारी (गिरिडीह), अजीमुद्दीन अंसारी (लोहरदगा), गुलाम मुर्तजा (रामगढ़), इरशाद आलम (हजारीबाग) और सुहैब अंसारी (कोडरमा) समेत कई अभ्यर्थी मौजूद थे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल एक भर्ती का मामला नहीं है, बल्कि शिक्षा और समान अवसर के अधिकार का सवाल है। उन्होंने आशा जताई कि सरकार इस अन्यायपूर्ण स्थिति को खत्म कर उनके भविष्य को सुरक्षित करने का कदम उठाएगी।

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