Ranchi News : जमिअतुल मोमेनिन चौरासी झारखंड की सरपरस्त कमिटी और कार्यक्रम संचालन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज रांची के मेन रोड स्थित उर्दू लाइब्रेरी के पीछे आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता मास्टर सिद्दीक अंसारी ने की। बैठक की शुरुआत तिलावत-ए-कुरान से हुई।

बैठक में सर्वप्रथम मतदाता सूची के सत्यापन पर चर्चा हुई। मास्टर सिद्दीक अंसारी ने जानकारी दी कि जमिअतुल मोमेनिन चौरासी की मतदाता सूची का सत्यापन कार्य सही दिशा में चल रहा है और जल्द ही यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। हालांकि, कुछ पंचायतों से यह शिकायत मिली है कि कमिटी की अनुमति के बिना कुछ लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए, जिनमें सदर और सेक्रेटरी का नाम तक नहीं था।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सितम्बर महीने में मुस्लिम समुदाय से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर राज्यस्तरीय जागरूकता सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पूर्व में इलाकावार कमिटियों का गठन किया जा चुका है और उनका संपर्क अभियान जारी है। लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। रांची शहर के लिए जो कमिटी बनी है, उसमें मो. जबीउल्लाह, अतिकुर रहमान और सरताब आलम को शामिल किया गया है।

बैठक में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति पर भी अहम चर्चा हुई। बिहार सरकार ने वर्ष 1999 में 4401 उर्दू शिक्षक पद सृजित किए थे, जिनमें 3712 पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी। वहीं झारखंड सरकार ने हाल ही में 4339 सहायक आचार्य पदों को स्वीकृति दी है, जिनमें 3287 इंटरमीडिएट प्रशिक्षित और 1052 स्नातक प्रशिक्षित पद हैं। जमिअतुल मोमेनिन ने सरकार से मांग की है कि इन पदों को “उर्दू आचार्य” के रूप में संशोधित किया जाए ताकि उर्दू भाषा को मजबूती मिल सके।

इसके अलावा, बैठक में एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। रामगढ़ जिले में एक युवक, आफताब अंसारी पर यौन शोषण का आरोप लगने के बाद, 23 जुलाई को दोपहर 3 बजे टाइगर फोर्स के कुछ सदस्यों द्वारा बर्बर तरीके से पीटा गया। इसके बाद पुलिस हिरासत में लिया गया आफताब अगले दिन लापता हो गया और फिर उसका शव दामोदर नदी के किनारे मिला। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका और न्याय प्रक्रिया की अनदेखी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जमिअतुल मोमेनिन ने इस मामले को गंभीरता से उठाने पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का धन्यवाद किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी और एसपी से बात कर कार्रवाई सुनिश्चित करवाई। नतीजतन, टाइगर फोर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और सदस्य राजेश सिन्हा को गिरफ्तार किया गया।

इस घटना को लेकर जमिअतुल मोमेनिन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:

  1. पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।
  2. मृतक आफताब के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  3. मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।

बैठक का समापन दुआ के साथ किया गया। इस अवसर पर मास्टर सादिक अंसारी, हाजी मजहर, हाजी फारुक, शोएब अंसारी, कारी जान मोहम्मद, मो. हुमायूं, शकील अंसारी समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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