रामगढ़: जिले की कमान संभालते ही नवनियुक्त एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने पुलिसिंग के पुराने ढर्रे को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर ली है। गुरुवार को पतरातू और आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने साफ कर दिया कि रामगढ़ में अब पुलिस का काम करने का अंदाज बिल्कुल जुदा होगा। एसपी की इस नई कार्यशैली का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों, आम नागरिकों और समाज के हर वर्ग के भीतर एक भयमुक्त वातावरण तैयार करना है।
अब सुदूर इलाकों में भी सुनाई देगा सायरन
अभी तक पुलिस की गश्ती (पेट्रोलिंग) मुख्य रूप से शहरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक सीमित रहती थी। लेकिन एसपी लुनायत ने इस सिस्टम को गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। अब पुलिस की गाड़ियां उन सुदूरवर्ती इलाकों और सुनसान अड्डों पर भी सायरन बजाते हुए नजर आएंगी, जहां असामाजिक तत्व, नशेड़ी और मनचले डेरा जमाए रहते थे।
‘टास्क ऑफ द डे’ और डेली मीटिंग की परंपरा
रामगढ़ पुलिस के इतिहास में पहली बार ‘डेली मीटिंग’ की परंपरा शुरू की गई है। एसपी के निर्देशानुसार, अब हर थाना प्रभारी को रोजाना सुबह अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी। इस बैठक में न केवल ‘टास्क ऑफ द डे’ यानी उस दिन के लक्ष्यों का निर्धारण होगा, बल्कि पुराने मामलों के उद्भेदन और कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।
13 बिंदुओं पर सख्त रिपोर्टिंग
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों से 13 विशिष्ट बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इनमें मुख्य रूप से:
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लंबित वारंट और कुर्की का निष्पादन।
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फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और फरारियों का भौतिक सत्यापन।
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पासपोर्ट और कैरेक्टर सर्टिफिकेट का समय पर वेरिफिकेशन।
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सीसीटीएनएस (CCTNS) में डेटा एंट्री की स्थिति।
लापरवाही पर गिरेगी गाज
एसपी ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि उन्होंने पतरातू में एसडीपीओ और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर खुद भी इसकी शुरुआत की। उन्होंने बासल, भुरकुंडा और भदानीनगर जैसे क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आई, तो उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब एसडीपीओ और इंस्पेक्टर को सप्ताह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र के थानों का औचक दौरा करना अनिवार्य होगा।



