Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने गैस एजेंसी के ग्राहकों को दूसरी एजेंसी में जबरन स्थानांतरित करने के मामले में अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने इंडेन और बीपीसीएल के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत मजबूत गैस एजेंसियों के ग्राहकों को कमज़ोर एजेंसियों में ट्रांसफर किया जा रहा था।

यह याचिका रांची की देवी गैस एजेंसी सहित 12 गैस एजेंसियों की ओर से दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूपेश सिंह ने तर्क दिया कि गैस एजेंसियों ने वर्षों की मेहनत से ग्राहकों का विश्वास जीता है और इसके लिए आर्थिक निवेश भी किया गया है। अब इन ग्राहकों को बिना एजेंसी और ग्राहक की अनुमति के किसी दूसरी एजेंसी को सौंपना एकतरफा और अनुचित कार्रवाई है।

गैस कंपनी की ओर से जवाब में कहा गया कि एजेंसी और कंपनी के बीच हुए समझौते के तहत कंपनी को यह अधिकार है, क्योंकि ग्राहक कंपनी के होते हैं, न कि गैस एजेंसी के। इसी आधार पर BPCL और इंडेन ने 21 फरवरी 2025 को यह आदेश जारी किया था।

हालांकि अदालत ने फिलहाल इस आदेश को स्थगित करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और एकतरफा कार्रवाई उचित नहीं लगती। अदालत ने केंद्र सरकार और बीपीसीएल को इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 29 जुलाई 2025 को होगी। यह फैसला उन तमाम गैस एजेंसियों के लिए राहत भरा है, जो बिना सहमति के अपने ग्राहकों को खोने के कगार पर थीं।

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