Ranchi News : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना रांची जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन को संबल भी मिल रहा है।

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की निगरानी में जिला प्रशासन इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। योजना के तहत महिलाओं को अंडा उत्पादन और बकरी पालन जैसे आजीविका के साधनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे स्वयं की आजीविका चला सकें और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।

मई 2025 तक 6844 लाभुक महिलाओं के बीच 2,13,409 चूजों का वितरण किया गया है। साथ ही, 1347 महिलाओं को 18,819 बतख और 1522 महिलाओं को 5253 बकरियों का वितरण भी किया जा चुका है। जिला प्रशासन की यह पहल अब रंग लाने लगी है। महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा है और वे अब आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं।

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने बुधवार को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, Potential Entrepreneurship Programme एवं अबुआ ग्रुप्स की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी जैसे कि सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, JSLPS, नीति आयोग के यंग प्रोफेशनल आदि उपस्थित थे।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना की सिस्टमैटिकली मॉनिटरिंग की जाए ताकि सभी लाभुकों को समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से प्रखंडवार वितरण पर ध्यान देने की बात कही और कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि अबुआ ग्रुप्स के माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और Potential Entrepreneurship Programme के तहत कम से कम 100 उद्यमियों का चयन तय मानकों के अनुसार किया जाए। यह कार्यक्रम जिला में एक स्थायी उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में सहायक होगा। महिलाओं को हर स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य लेकर चल रही यह योजना अब वास्तविक बदलाव की दिशा में बढ़ रही है। रांची जिला प्रशासन की यह पहल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

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