Ranchi News : झारखंड के जननायक और झारखंड आंदोलन के प्रतीक, दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के पारंपरिक श्राद्ध कर्म के पांचवें दिन आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्थानीय परंपराओं के अनुरूप महत्वपूर्ण रस्म पूरी की। इस अवसर पर उन्होंने अपने परिवारजनों और नजदीकी रिश्तेदारों के साथ पारंपरिक विधि-विधान से पूजा और कर्मकांड में भाग लिया।

श्राद्ध कर्म के तहत आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में ग्रामीण समाज, स्थानीय जनप्रतिनिधि और करीबी शुभचिंतक भी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक और श्रद्धा से भरा रहा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपने पिता की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्ष, सेवा और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध के विभिन्न चरणों में पांचवां दिन विशेष महत्व रखता है, जहां परिवार के सदस्य पूर्वज की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से पूजा अर्चना करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव में रहकर इस परंपरा को निभाया, जिससे ग्रामीण भी भावुक हो उठे।

इस मौके पर पूरे गांव में एकजुटता और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला, जो दिशोम गुरु के व्यक्तित्व और उनके द्वारा छोड़ी गई अमिट छाप का प्रमाण है।

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