रांची: रंगों का त्योहार होली खुशियों के साथ-साथ कई बार अनहोनी की आहट भी लेकर आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड की राजधानी रांची के सभी प्रमुख अस्पताल इस समय ‘हाई अलर्ट’ मोड पर हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सेवाओं में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
OPD और इमरजेंसी का शेड्यूल
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और रिम्स (RIMS) प्रबंधन के अनुसार, 4 मार्च को मुख्य होली के दिन ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि, मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इमरजेंसी वार्ड 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। रिम्स के डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है।
संभावित खतरों पर नजर
अस्पताल प्रशासन ने विशेष रूप से उन मामलों के लिए तैयारी की है जो होली के दौरान अक्सर देखे जाते हैं:
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सड़क दुर्घटनाएं: शराब पीकर वाहन चलाने (Drunken Driving) से होने वाले हादसों को देखते हुए ट्रामा सेंटर को अलर्ट रखा गया है।
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त्वचा और आंखें: केमिकल युक्त रंगों से होने वाली जलन और इंफेक्शन के लिए विशेष दवाइयों का स्टॉक जमा किया गया है।
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बर्न यूनिट: होलिका दहन के दौरान झुलसने की घटनाओं से निपटने के लिए बर्न वार्ड में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
ब्लड बैंक और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक
किसी भी बड़ी सर्जरी या दुर्घटना में खून की कमी न हो, इसके लिए ब्लड बैंक को अतिरिक्त यूनिट तैयार रखने को कहा गया है। साथ ही, सदर अस्पताल और रिम्स में जीवन रक्षक उपकरणों (Life Saving Equipment) की जांच कर ली गई है ताकि मौके पर कोई तकनीकी खराबी न आए। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षित तरीके से होली मनाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस सेवा (108) या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।



