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Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिड़चिड़ापन एक आम समस्या बन गई है। कई बार हम चाहकर भी अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, जिसका असर हमारे परिवार और काम पर पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे हाथों की उंगलियों में ही शांति का रहस्य छिपा है? आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग और ध्यान की ‘ज्ञान मुद्रा’ गुस्से को शांत करने और मानसिक संतुलन बनाने का एक प्राकृतिक और अचूक उपाय है।
कैसे काम करती है ज्ञान मुद्रा?
इस मुद्रा में अंगूठे (अग्नि तत्व) और तर्जनी उंगली (वायु तत्व) के पोरों को आपस में मिलाया जाता है, जबकि बाकी तीन उंगलियां सीधी रहती हैं। माना जाता है कि इन दोनों उंगलियों के मिलन से मस्तिष्क से जुड़ी नसों पर दबाव पड़ता है, जो सीधे हमारे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत करने का संकेत देता है। जो लोग छोटी बातों पर उत्तेजित हो जाते हैं, उनके लिए यह मुद्रा एक ‘सेफ्टी वाल्व’ की तरह काम करती है।
गुस्से के अलावा भी हैं कई फायदे:
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एकाग्रता (Concentration): पढ़ाई करने वाले छात्रों और ऑफिस में काम करने वालों के लिए यह रामबाण है। इससे फोकस बढ़ता है।
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याददाश्त: नियमित अभ्यास से दिमाग सक्रिय रहता है और भूलने की बीमारी कम होती है।
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तनाव से मुक्ति: यह मानसिक थकान को दूर कर दिमाग को गहरी शांति प्रदान करती है।
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भावनात्मक नियंत्रण: इसे करने से व्यक्ति अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ और संभाल पाता है।
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अभ्यास का सही तरीका
ज्ञान मुद्रा का अभ्यास किसी भी शांत जगह पर सुखासन या सिद्धासन में बैठकर किया जा सकता है। अपनी आँखें बंद करें और अपना पूरा ध्यान अपनी आती-जाती सांसों पर लगाएं। प्रतिदिन मात्र 10 से 15 मिनट का अभ्यास आपके व्यक्तित्व में ठहराव ला सकता है। यह मुद्रा हमें सिखाती है कि शांति बाहर कहीं ढूंढने के बजाय हमारे अपने भीतर ही मौजूद है।



