Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»Adda More..»पेट, पीठ और पैरों के दर्द में असरदार है ‘टिड्डी मुद्रा’
Adda More..

पेट, पीठ और पैरों के दर्द में असरदार है ‘टिड्डी मुद्रा’

टिड्डी मुद्रा यानी शलभासन न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव कम कर समग्र फिटनेस में सुधार लाता है।
By Samsul HaqueNovember 7, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Health News: ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने से अगर पीठ या पैर दर्द करने लगते हैं, तो योग में इसका असरदार समाधान है — शलभासन या टिड्डी मुद्रा। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह एक ऐसा आसन है जो रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और पूरे शरीर की फिटनेस को बढ़ाता है।

शलभासन के फायदे: दर्द से राहत और वजन पर नियंत्रण

योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से टिड्डी मुद्रा का अभ्यास करने से रीढ़ की मजबूती, पाचन तंत्र में सुधार और वजन नियंत्रण जैसे कई फायदे मिलते हैं। यह आसन न केवल पीठ दर्द को कम करता है, बल्कि पेट और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। साथ ही, यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और अतिरिक्त चर्बी घटाने में मदद करता है। महिलाओं के लिए भी यह आसन बेहद फायदेमंद माना गया है — यह पीरियड्स से जुड़ी तकलीफों को कम करता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।

शलभासन करने की विधि और सावधानियां

शलभासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेटें, पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के साथ लगाएं। अब गहरी सांस लेते हुए सिर, छाती, हाथ और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं। इस दौरान शरीर टिड्डी जैसी आकृति बनाता है। इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक रुकें, फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में लौट आएं। अभ्यास के दौरान केवल पेट और कमर का हिस्सा जमीन को छूना चाहिए। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, हर्निया, अल्सर या हार्ट प्रॉब्लम से पीड़ित लोग इसे बिना डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह के न करें।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

नारियल तेल के ये बेमिसाल फायदे कर देंगे आपको हैरान, खूबसूरती में लगेंगे चार चांद

May 5, 2026

डैंड्रफ का होगा सूपड़ा साफ: सफेद पपड़ी और खुजली से चाहिए परमानेंट छुटकारा? बस अपनाएं ये तरीके

May 5, 2026

दमकती त्वचा का राज है अखरोट: चेहरे पर आएगा कुदरती निखार, बस ऐसे करें इस्तेमाल

May 5, 2026

RECENT ADDA.

विजय का बड़ा दांव: तमिलनाडु CM शपथ अब सुबह 10 बजे; कांग्रेस-लेफ्ट का बड़ा समर्थन

May 9, 2026

हजारीबाग शहर में बिक रहीं थीं फर्जी NCERT पुस्तकें, तीन दुकानों पर छापा

May 9, 2026

बरही में जनगणना की तैयारी तेज, 16 मई से घर-घर होगी जनगणना

May 9, 2026

हजारीबाग में बड़ा पुलिस फेरबदल, 39 अधिकारियों का तबादला

May 9, 2026

नकली शराब के ‘नेटवर्क’ का भंडाफोड़, तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी, करोड़ों की शराब जब्त

May 9, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.