Ranchi News : सिविल कोर्ट रांची स्थित ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की विशेष अदालत ने रिश्वत लेने से जुड़े एक 11 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने रांची शहर अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी आनंद खलखो को दोषी करार देते हुए सात साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह मामला वर्ष 2014 का है। आनंद खलखो पर आरोप था कि वह जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़ित माधो उरांव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आनंद खलखो ने उससे 3 डिसमिल जमीन अपने नाम लिखवा ली और इसके अलावा 40 हजार रुपये नकद की भी मांग कर रहा था।

शिकायत के आधार पर ACB ने जाल बिछाया और 4 मार्च 2014 को आनंद खलखो को रिश्वत की राशि के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब ACB ने उसके घर की तलाशी ली तो वहां से 9 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

गिरफ्तारी के बाद वह करीब चार महीने जेल में रहा। बाद में 11 जुलाई 2014 को झारखंड हाईकोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। तब से वह जमानत पर चल रहा था। लेकिन 4 अगस्त 2025 को अदालत ने उसे दोषी करार देकर जेल भेज दिया। अब, 11 अगस्त को अदालत ने सजा का ऐलान करते हुए सात साल की कैद और जुर्माना तय किया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि सरकारी सेवा में ईमानदारी और पारदर्शिता बनी रहे। ACB ने भी इस फैसले का स्वागत किया और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश बताया।

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