Ranchi News : झारखंड में शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE), अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी और क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर वरीयता क्रम की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई हैं। इससे न केवल प्रशासनिक असंतुलन पैदा हो गया है, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के मनोबल पर भी असर पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में झारखंड के कई जिलों में छठी और सातवीं बैच से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा चयनित अधिकारियों को वरिष्ठ पदों पर बिठाया गया है। इसमें सबसे बड़ी गड़बड़ी यह है कि सातवीं बैच के अधिकारियों को जिला शिक्षा पदाधिकारी जैसे जिम्मेदार पद पर तैनात कर दिया गया है, जबकि छठी बैच के अधिक वरीय अधिकारी केवल क्षेत्रीय या अनुमंडल स्तर पर कार्यरत हैं।

इस व्यवस्था का सीधा परिणाम यह हुआ है कि जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। कई जगहों पर कनीय अधिकारी बैठक की अध्यक्षता करते नजर आ रहे हैं, जबकि उनसे वरीय अधिकारी केवल निर्देश सुनते और पालन करते हैं। यह स्थिति झारखंड शिक्षा सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुवार को शिक्षा सेवा से जुड़े अधिकारियों ने बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस असमान पदस्थापन की शिकायत की जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि यदि जल्द इस विसंगति को नहीं सुधारा गया तो विभाग में कामकाज की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा और प्रशासनिक अनुशासन पूरी तरह चरमरा जाएगा।

अब देखना यह है कि सरकार इस मसले पर क्या कदम उठाती है। क्या वरीयता क्रम की बहाली होगी या फिर प्रशासनिक गड़बड़ियों का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

Share.
Exit mobile version