Ranchi News : रांची जिले में भूमि की प्रकृति बदलकर अवैध रूप से खरीद-बिक्री किए जाने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने इस बाबत कई अहम निर्देश दिए।
कांके अंचल के चामा, बुकरु और नगड़ी इलाकों से जमीन की प्रकृति बदलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर बेदखली की शिकायतें मिलीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने भूमि निबंधन और म्यूटेशन पर रोक लगाने का निर्देश अगले आदेश तक दे दिया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है, जिसमें एसएआर, डीसीएलआर और एएसओ शामिल होंगे।
इसी प्रकार कुम्हरिया मौजा में भी ऑनलाइन छेड़छाड़ की शिकायत सामने आई, जिसके लिए एक अलग तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। उपायुक्त ने इन सभी मामलों की जानकारी विभागीय सचिव और आयुक्त को प्रतिलिपि के रूप में भेजने का भी निर्देश दिया।
जनता दरबार में बुढ़ापे में अपनी जमीन बचाने पर एक बुजुर्ग जितेंद्र कुमार सिंह भावुक हो उठे और उपायुक्त को धन्यवाद देते हुए कहा कि भू-माफियाओं से उनकी जमीन को बचा लिया गया है।
वहीं, बुंडू के एक नागरिक की रसीद जारी न होने पर संबंधित कर्मचारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा एनएचएआई परियोजना में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की देरी पर उपायुक्त ने भू-अर्जन पदाधिकारी से रिपोर्ट मांगी और एक सप्ताह में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दरबार में राजस्व, पेंशन, भूमि विवाद और प्रमाण पत्र जैसी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उपायुक्त श्री भजन्त्री ने सभी अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।



