Ranchi News : रांची सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी राकेश रंजन कुमार को झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने पर नोटिस जारी किया है। यह मामला एक सिविल विवाद से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता की जमीन को लेकर आरोपी अजय मुंडा पर केस दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट से अजय मुंडा को अग्रिम जमानत मिल चुकी थी और उसे आत्मसमर्पण का आदेश दिया गया था।

हालांकि, जब अजय मुंडा ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, तो मजिस्ट्रेट ने उसे रिहा करने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए रजिस्ट्रार जनरल मनोज कुमार को निर्देश दिया कि वे 2 जुलाई शाम 4:30 बजे तक केस से जुड़े सभी दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अजय मुंडा को जेल न भेजा जाए।

अदालत ने मजिस्ट्रेट राकेश रंजन से पूछा है कि आखिर किस आधार पर उन्होंने आरोपी को हिरासत में भेजा, जबकि सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन के अनुसार, ऐसे मामलों में आत्मसमर्पण के बाद जमानत मिलनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित मजिस्ट्रेट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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