India News: देश की राजधानी और आसपास के इलाकों (NCR) में कुदरत और प्रदूषण का ऐसा मेल हुआ है कि लोगों का जीना दूभर हो गया है। सोमवार, 22 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर ने ठंड, घने कोहरे और ‘गंभीर’ श्रेणी के प्रदूषण का सामना किया। आलम यह है कि सूरज की रोशनी धुंध को चीरने में नाकाम साबित हो रही है और हवा इतनी जहरीली हो गई है कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
AQI 400 के पार: आनंद विहार और बवाना में ‘रेड अलर्ट’ जैसे हालात
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े डराने वाले हैं। दिल्ली के आनंद विहार (404), बवाना (408) और नरेला (418) जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। नोएडा और गाजियाबाद का भी यही हाल है, जहां वसुंधरा में AQI 394 तक रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं की कमी और भारी नमी के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही टिके हुए हैं, जिससे पूरा इलाका एक गैस चैंबर में तब्दील हो गया है।
प्रशासन का कड़ा फैसला: वर्क फ्रॉम होम और बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास
हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। दिल्ली में सरकारी और निजी दफ्तरों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने की अनुमति दी गई है। बच्चों की सुरक्षा के लिए कक्षा पांचवीं तक के सभी स्कूलों को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जबकि बड़ी कक्षाओं के लिए हाइब्रिड मोड अपनाया जा रहा है। सड़कों पर कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम है, जिससे यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।
आगामी 48 घंटे चुनौतीपूर्ण: पारा गिरने के साथ बढ़ेगी मुश्किलें
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 23 और 24 दिसंबर को कोहरे का असर और गहरा सकता है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम की सैर से बचें और बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी के मास्क का इस्तेमाल करें। फिलहाल दिल्ली को इस जहरीली धुंध से निजात मिलती नहीं दिख रही है।
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