India News: उत्तर भारत में मौसम ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। गुरुवार की सुबह जब लोग जगे, तो चारों तरफ सिर्फ सफेद धुंध का पहरा था। दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में विजिबिलिटी इतनी कम रही कि हाईवे पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं।

प्रदूषण और कोहरे की दोहरी मार, सेहत पर संकट

दिल्ली के लोगों के लिए यह ठंड दोहरी मुसीबत लेकर आई है। घने कोहरे के साथ घुले जहरीले प्रदूषण ने सांस लेना दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय आंखों में जलन और खांसी की समस्या आम हो गई है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग जगह-जगह अलाव जलाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

रैन बसेरों में राहत, प्रशासन ने कसी कमर

कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंदों और बेघरों के लिए रैन बसेरे किसी वरदान से कम नहीं हैं। ग्रेटर नोएडा में प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है। यहाँ ठहरने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें बिस्तर, कंबल और तकिए जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं। एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी खुद रात में निरीक्षण कर रहे हैं ताकि सुरक्षा और सफाई में कोई कमी न रहे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं और गर्म पानी की सुविधा भी सुनिश्चित की जा रही है।

वाहन चालकों को पुलिस की सख्त हिदायत

कोहरे के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर चलने वाले चालकों के लिए अलर्ट जारी किया है। फॉग लाइट का उपयोग करने और गति सीमा को कम रखने की अपील की गई है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का यह सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे अधिकतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

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