रांची: होली के लंबे अवकाश के बाद जब सरकारी दफ्तर खुले, तो उनकी कार्यप्रणाली और अनुशासन का जायजा लेने के लिए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री अचानक फील्ड पर उतर आए। शनिवार शाम करीब चार बजे उपायुक्त ने समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के ब्लॉक-ए स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। इस दौरान कई कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले, जिस पर डीसी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

बिना बताए गायब होने वालों की खैर नहीं

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थिति पंजिका और अवकाश आवेदनों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि कुछ कर्मचारी अपने कार्यालय प्रधान को बिना किसी पूर्व सूचना के गायब थे। डीसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सामान्य शाखा के सहायक अर्जुन मुण्डा, जिला कल्याण शाखा की लनिता कुमार महतो और विकास जायसवाल को ‘शो-कॉज’ (कारण बताओ नोटिस) जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि छुट्टी लेनी है तो नियम के तहत आवेदन देना होगा, मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ID कार्ड और नेमप्लेट पर सख्त हिदायत

उपायुक्त ने पाया कि कई कर्मचारी ड्यूटी पर तो थे, लेकिन उन्होंने न तो पहचान पत्र (ID Card) पहना था और न ही उनकी टेबल पर नेमप्लेट लगी थी। इस पर उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता को यह पता होना चाहिए कि वे किससे बात कर रहे हैं। भविष्य में बिना आईडी कार्ड और नेमप्लेट के पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ काम नहीं, सफाई भी जरूरी

डीसी ने कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया कि वे अपने मातहत कर्मचारियों के व्यवहार और अनुशासन की नियमित निगरानी करें। साथ ही, उन्होंने समाहरणालय परिसर की स्वच्छता और वहां लगे पौधों की देखरेख पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दफ्तर सिर्फ फाइलों का ढेर नहीं, बल्कि स्वच्छ और हरा-भरा कार्यस्थल होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्त्ता रामनारायण सिंह, एडीएम (विधि-व्यवस्था) राजेश्वरनाथ आलोक और नजारत उपसमाहर्त्ता सुदेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Share.
Exit mobile version