Ranchi/Chatra News : चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में CCL की पिपरवार कोल परियोजना से जुड़ा एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में संगठित तरीके से सरकारी कर्मियों और CCl के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा वितरण और नौकरी दिए जाने का आरोप लगा है। यह मामला टंडवा थाना कांड संख्या – 54/2025, दिनांक 29/03/2025 को दर्ज किया गया है।
इस घोटाले को लेकर दुर्गा उरांव उर्फ दुर्गा मुंडा नामक शिकायतकर्ता ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक को एक पत्र सौंपते हुए मामले की ACB (Anti Corruption Bureau) या CID (Criminal Investigation Department) से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति या अधिकारी की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया संगठित अपराध है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि किस प्रकार से फर्जी रैयतों और भू-माफियाओं को विस्थापित दर्शाकर मुआवजा और नौकरी दिलवाई गई और इसके लिए दस्तावेजों का सत्यापन रिश्वत लेकर किया गया। यहां तक कि कई सरकारी कर्मचारी और CCL के अफसरों ने आपसी सांठगांठ से इस घोटाले को अंजाम दिया।
शिकायतकर्ता ने यह भी जोर दिया कि स्थानीय थाना (टंडवा) इस वृहद और प्रभावशाली आरोपियों वाले मामले की निष्पक्ष जांच करने में सक्षम नहीं है। इसलिए उन्होंने राज्यस्तरीय एजेंसियों जैसे CID या ACB से जांच करवाए जाने की मांग की है, ताकि इस गहन भ्रष्टाचार में शामिल प्रभावशाली लोगों को बेनकाब किया जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि इस मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच न की गई, तो इससे न केवल जनता का सरकारी व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा, बल्कि भविष्य में और भी संगठित भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।



