Ranchi News : रांची सिविल कोर्ट ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी बिगन साव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। रातू के कमड़े निवासी बिगन साव पिछले 21 महीने से अधिक समय से जेल में बंद है और उसने रिहाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

यह मामला 21 जून 2022 का है, जब नामकुम पुलिस ने एक नशीले पदार्थ से लदे वाहन को पकड़ा था। पुलिस ने तलाशी के दौरान वाहन से 38 प्लास्टिक की बोरियों में भरा 666 किलो डोडा पाउडर बरामद किया था। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

इस बरामदगी के बाद नामकुम थाना में कांड संख्या दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बिगन साव को मामले में आरोपी पाया गया और नवंबर 2023 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। तब से वह न्यायिक हिरासत में है।

हाल ही में आरोपी की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई, जिस पर सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त एम.के. सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा अत्यधिक है और मामले में आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट है। इतना भारी मात्रा में डोडा पाउडर बरामद होना न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि यह समाज के लिए भी घातक परिणाम ला सकता है।

अभियोजन ने यह भी कहा कि मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में अदालत को सख्त रुख अपनाना चाहिए, ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अपराध की गंभीरता, बरामदगी की मात्रा और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए जमानत का कोई उचित आधार नहीं बनता। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय से हिरासत में रहना भी इस मामले में जमानत देने का कारण नहीं हो सकता, क्योंकि यह अपराध एनडीपीएस एक्ट के तहत आता है, जिसमें सजा बेहद कठोर है।

अंततः, अदालत ने बिगन साव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह फैसला मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में अदालत की सख्त नीति को एक बार फिर दर्शाता है।

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