Ranch News : झारखंड की सियासत में इन दिनों परिवारों और समर्थकों को निशाना बनाए जाने को लेकर घमासान मचा है। इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि राजनीतिक लड़ाई नेताओं के बीच होनी चाहिए, न कि उनके परिवारों और सहयोगियों को टारगेट कर।

मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के ज़रिए यह चिंता जाहिर की। उन्होंने लिखा, “राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी अपनी जगह है, लेकिन इस लड़ाई में परिवार, खासकर महिलाएं और समर्थकों को घसीटना अनुचित है। यह राजनीतिक शुचिता के खिलाफ है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी पर 47वां मुकदमा दर्ज किया गया है और उनके समर्थक देवता पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संभव है यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना हुई हो और इसके पीछे कुछ ‘महत्वाकांक्षी अफसरों’ का हाथ हो।

मरांडी ने आगे लिखा, “ऐसे अफसर वही लोग हैं जिन्होंने पहले भी निजी स्वार्थ के लिए मुख्यमंत्री को इस्तेमाल किया और मुसीबत में डाला। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे ऐसे अफसरों से सतर्क रहें क्योंकि ये लोग उन्हें विवादों में घसीटकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह मामले का संज्ञान लें और यह सुनिश्चित करें कि सत्ता का दुरुपयोग राजनीतिक प्रतिशोध के लिए न हो। उन्होंने यह भी दोहराया कि स्वस्थ लोकतंत्र में राजनीतिक टकराव विचारों और नीतियों पर होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत जीवन और परिवारों पर हमले करके।

बाबूलाल मरांडी के इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या सच में कार्रवाई की जांच होती है या मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सिमट कर रह जाएगा।

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