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वॉशिंगटन, अमेरिका | एजेंसी
मध्य-पूर्व में तनाव के बीच F-15 fighter jet के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने एक बार फिर अमेरिकी पायलटों की सर्वाइवल ट्रेनिंग पर ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सवार एक पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। इस बीच Iran और United States दोनों अपने-अपने स्तर पर अभियान चला रहे हैं।
ऐसे खतरनाक हालात से निपटने के लिए United States Air Force अपने पायलटों को बेहद उन्नत सर्वाइवल ट्रेनिंग देता है। यह ट्रेनिंग केवल उपकरणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि रणनीति, मानसिक मजबूती और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता पर भी आधारित होती है।
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पायलट की ड्रेस खुद एक जीवन-रक्षा सूट होती है, जिसमें हेलमेट, रेडियो और जरूरी उपकरण शामिल होते हैं। इसके अलावा इजेक्शन सीट के नीचे एक खास सर्वाइवल किट लगाई जाती है, जो आपात स्थिति में पायलट के साथ जमीन पर पहुंचती है। यह पूरी व्यवस्था मल्टी-लेयर सुरक्षा सिस्टम के रूप में काम करती है।
पायलट के पास मौजूद 5 अहम गैजेट्स—
1. आधुनिक सर्वाइवल रेडियो— यह छोटा, मजबूत और वॉटरप्रूफ डिवाइस एन्क्रिप्टेड सिग्नल भेजता है। इसके जरिए पायलट अपनी सटीक जीपीएस लोकेशन बचाव दल तक पहुंचा सकता है, जिससे दुश्मन के लिए उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
2. लाइटवेट GAU-5A सर्वाइवल राइफल— एम4-स्टाइल पर आधारित यह कॉम्पैक्ट राइफल इजेक्शन सीट के नीचे फिट हो जाती है। इसे बिना औजार के कुछ सेकंड में जोड़ा जा सकता है। इसका इस्तेमाल लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और जरूरत पड़ने पर भोजन जुटाने के लिए किया जाता है।
3. इन्फ्रारेड सिग्नलिंग उपकरण— इसमें खास ग्लो स्टिक्स और स्ट्रोब लाइट शामिल होती हैं, जो केवल नाइट-विजन उपकरणों से ही दिखाई देती हैं। यह पायलट को अंधेरे में बिना दुश्मन को बताए बचाव दल को संकेत देने में मदद करती हैं।
4. सैटेलाइट बेस्ड पर्सनल बीकन— यह डिवाइस सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़कर पायलट की लोकेशन भेजता है। अगर रेडियो फेल हो जाए, तब भी यह उपकरण दुनिया के किसी भी कोने से मदद का संकेत भेज सकता है।
5. मेडिकल क्विक-क्लॉट और ट्रॉमा किट— इस किट में ऐसे आधुनिक मेडिकल उपकरण होते हैं, जो गंभीर चोट लगने पर खून को तेजी से जमाकर ब्लीडिंग रोकने में मदद करते हैं। इजेक्शन के दौरान लगी चोटों में यह बेहद उपयोगी साबित होता है।
ट्रेनिंग का असली मकसद— पायलटों को इस तरह प्रशिक्षित किया जाता है कि वे कठिन परिस्थितियों में खुद को बचा सकें, दुश्मन से छिप सकें, पकड़े जाने का विरोध कर सकें और अंततः सुरक्षित रेस्क्यू तक पहुंच सकें। इसमें केवल तकनीक पर निर्भरता नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और समझदारी भी अहम भूमिका निभाती है।
अगर कोई पायलट समुद्र के ऊपर इजेक्ट करता है, तो उसकी किट अलग होती है। इसमें लाइफ राफ्ट और समुद्र में फैलने वाला खास रंगीन केमिकल शामिल होता है, जिससे उसे हवा से आसानी से देखा जा सके।
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कुल मिलाकर, आधुनिक दौर में अमेरिकी पायलटों की सर्वाइवल किट और ट्रेनिंग उन्हें दुश्मन के इलाके में भी जिंदा रहने और सुरक्षित लौटने की बेहतर संभावना देती है।

