गुमला/चैनपुर: चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आज प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में निजी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और क्लिनिक संचालकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बीपीएम विनय नायक की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में निजी अस्पताल एवं क्लिनिक से जुड़े स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अनुपालन और नियमित रिपोर्टिंग व्यवस्था के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर किस प्रकार ग्रामीण आबादी को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

कार्यशाला में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निजी अस्पताल एवं क्लिनिक संचालकों से आग्रह किया कि वे अपनी सेवाओं, मरीजों की संख्या, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करें। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

बीपीएम विनय नायक ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि निजी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थान मिलकर कार्य करें, तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध उपचार मिल सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने और नियमित समन्वय बनाए रखने की अपील की।

कार्यशाला को प्रतिभागियों ने उपयोगी बताते हुए इसे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सकारात्मक पहल बताया।

Share.
Exit mobile version