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सावधान! व्हाइट ब्रेड और पास्ता का अधिक सेवन बना सकता है डिप्रेशन का शिकार

Health Desk: आधुनिक जीवनशैली में जल्दबाजी के चक्कर में अक्सर लोग व्हाइट ब्रेड, पास्ता और सफेद चावल को अपने नाश्ते या खाने का मुख्य हिस्सा बना लेते हैं। लेकिन एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट ने इस आदत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। शोध के

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Health Desk: आधुनिक जीवनशैली में जल्दबाजी के चक्कर में अक्सर लोग व्हाइट ब्रेड, पास्ता और सफेद चावल को अपने नाश्ते या खाने का मुख्य हिस्सा बना लेते हैं। लेकिन एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट ने इस आदत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। शोध के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट न केवल शरीर को थकाते हैं, बल्कि व्यक्ति को अवसाद (Depression) और चिंता का शिकार भी बना सकते हैं।

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ब्लड शुगर और हार्मोनल प्रतिक्रिया का खेल: अध्ययन में खुलासा किया गया है कि सफेद ब्रेड और सफेद चावल जैसे रिफाइंड कार्ब्स खाने के बाद शरीर में एक तीव्र हार्मोनल प्रतिक्रिया होती है। यह प्रक्रिया शरीर के ब्लड शुगर लेवल को तेजी से प्रभावित करती है। शुगर लेवल में आने वाले इस उतार-चढ़ाव के कारण व्यक्ति में:

  • चिड़चिड़ापन और थकान बढ़ने लगती है।

  • अनिद्रा (Insomnia) की समस्या पैदा होती है।

  • लंबे समय तक सेवन से डिप्रेशन के लक्षण उभरने लगते हैं।

बुरे कार्बोहाइड्रेट बनाम अनाज और सब्जियां: ब्रिटेन में हुए एक शोध के मुताबिक, प्रति 100 में से 3 लोग अवसाद के शिकार हैं, जिसका एक बड़ा कारण खराब खानपान है। शोधकर्ताओं का मानना है कि व्हाइट ब्रेड और पास्ता ‘बुरे कार्बोहाइड्रेट्स’ की श्रेणी में आते हैं, जो मोटापे और मानसिक अस्थिरता को बढ़ाते हैं। इसके विपरीत, साबुत अनाज और हरी सब्जियां इस खतरे को कम करने में मददगार साबित होती हैं।

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सेहत के लिए विशेषज्ञ की सलाह: विशेषज्ञों के अनुसार, पास्ता या ब्रेड का कभी-कभी सेवन हानिकारक नहीं है, लेकिन इसे रोजमर्रा की डाइट बनाना चिंता का विषय है। यदि आप अक्सर थका हुआ या उदास महसूस करते हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करना एक प्रभावी कदम हो सकता है। आहार में फाइबर युक्त अनाज और ताजी सब्जियों को शामिल कर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

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