Ranchi News : झारखंड के विभिन्न जिलों से आए बुनकर समिति के प्रतिनिधियों ने झारक्राफ्ट के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। लंबे समय से बुनकर समाज को झारक्राफ्ट से बुनाई और सिलाई का कार्य नहीं मिलने के कारण रोजगार संकट गहरा गया है। इस समस्या को लेकर बुनकर प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा।
बैठक में बुनकर प्रतिनिधियों ने 6 प्रमुख मांगें रखीं
- पूंजी उपलब्धता: बुनकर सहकारी समितियों और समूहों को रोजगार देने के लिए पूंजी की कमी दूर करने हेतु हस्तकरघा, रेशम और हस्तशिल्प निदेशालय द्वारा स्वीकृत कार्यशील पूंजी जल्द उपलब्ध कराई जाए।
- स्थानीय बुनकरों को प्राथमिकता: बुनाई, हस्तशिल्प और सिलाई से जुड़े कार्यों को झारखंड की समितियों और कारीगरों को दिया जाए तथा निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
- पैनल संशोधन: एम्पैनलमेंट के लिए मांगे गए ITR, ऑडिट रिपोर्ट और मशीनों की न्यूनतम संख्या को 5 करने का अनुरोध।
- समन्वय समिति: बुनकर समितियों और झारक्राफ्ट के बीच बेहतर समन्वय के लिए जिलावार प्रतिनिधि चयनित करने की मांग।
- नौकरी में प्राथमिकता: शिक्षित बुनकर युवकों और युवतियों को शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर झारक्राफ्ट में नौकरी देने का आग्रह।
- राष्ट्रीय बुनकर दिवस: 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय बुनकर दिवस पर झारक्राफ्ट की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने की मांग।
प्रबंध निदेशक ने इस मुलाकात में सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय बुनकर दिवस पर विशेष कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। इस आश्वासन से बुनकर प्रतिनिधियों में संतोष देखा गया।
मुलाकात करने वालों में संयुक्त हस्तशिल्प, हस्तकरघा एवं कुशल कारीगर औद्योगिक सहयोग समिति लिमिटेड के सचिव जुनैद आलम, उरुगूट्टू प्राथमिक बुनकर सहयोग समिति के चेयरमैन खलील अंसारी, मुरुजुली समिति के चेयरमैन बशारत अली, नवाटोली समिति के चेयरमैन परवेज आलम, इस्लामपुर समिति के चेयरमैन मो. इरफान, चौहानटोली समिति के चेयरमैन मजहर अंसारी, पोखरीकला समिति के चेयरमैन आरसदुल कादरी, सोसोकला समिति के चेयरमैन मो. अकबर समेत अन्य बुनकर प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बुनकर समाज को उम्मीद है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होगी और स्थानीय कारीगरों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।



