Uganda: पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में एक मामूली ‘किस’ (चुंबन) ने दो युवतियों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया है। पुलिस ने 22 वर्षीय म्यूजिशियन वेंडी फेथ (टोरेरो बे) और 21 वर्षीय एलेसी डायना डेनिस को उनके किराए के कमरे पर रेड मारकर गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि वे सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे को चूमने और समलैंगिक गतिविधियों में शामिल थीं।

दुनिया का सबसे कठोर कानून

युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी द्वारा मई 2023 में हस्ताक्षरित ‘एंटी-होमोसेक्शुअलिटी एक्ट’ के तहत यह गिरफ्तारी हुई है। यह कानून समलैंगिकता को एक ‘भयानक अपराध’ की श्रेणी में रखता है। इसके तहत:

  • गंभीर समलैंगिकता: दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का प्रावधान है।

  • उम्रकैद: समलैंगिक कृत्यों में शामिल होने पर बाकी की जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ सकती है। युगांडा की संवैधानिक अदालत ने भी अप्रैल 2024 में इस कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

दहशत में समलैंगिक समुदाय

इस घटना के बाद युगांडा का समलैंगिक समुदाय (LGBTQ+) गहरे खौफ में है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोग अब अपनी पहचान छिपाने और ‘स्ट्रेट’ दिखने का नाटक करने को मजबूर हैं। ‘सेक्सुअल माइनॉरिटीज युगांडा’ के अनुसार, यह गिरफ्तारी पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कानून के आने के बाद से अब तक 1,276 से अधिक लोग हिंसा और भेदभाव का शिकार हो चुके हैं।

वैश्विक आक्रोश और मानवाधिकार हनन

ह्यूमन राइट्स अवेयरनेस एंड प्रमोशन फोरम की रिपोर्ट बताती है कि युगांडा में इस कानून का इस्तेमाल लोगों को निशाना बनाने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कुचलने के लिए किया जा रहा है। पकड़ी गई युवतियों के घर पर अन्य लड़कियों के आने-जाने को भी पुलिस ‘संदिग्ध’ मान रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अमानवीय कानून की कड़ी निंदा हो रही है, लेकिन युगांडा सरकार अपने फैसले पर अडिग है।

फिलहाल, दोनों युवतियां पुलिस हिरासत में हैं और उन पर औपचारिक आरोप तय होने का इंतजार है। यह मामला युगांडा में नागरिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के गिरते स्तर का एक काला अध्याय बनकर उभरा है।

Share.
Exit mobile version