अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ranchi News : खलारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में दर्ज गांजा तस्करी के एक चर्चित मामले में रांची स्थित एनडीपीएस (NDPS) मामलों के विशेष न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत ने मंगलवार को दो आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने यह फैसला सबूतों के अभाव और जांच में गंभीर खामियों को देखते हुए सुनाया।
बरी किए गए आरोपियों के नाम आजाद अंसारी और राम प्रवेश गोप हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार ने मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों से सख्त जिरह की और जांच प्रक्रिया में कई लापरवाहियों को उजागर किया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा पुलिस अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि बरामद मादक पदार्थ वास्तव में गांजा था। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि वैज्ञानिक पुष्टि हेतु कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। ऐसे में अदालत के पास आरोपियों को दोषमुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 21 मार्च 2021 को खलारी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हुटाप मोड़ के पास छापेमारी कर आजाद अंसारी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद राम प्रवेश गोप को भी पकड़ा गया। पुलिस ने दावा किया था कि उनके पास से 124 ग्राम मादक पदार्थ (गांजा) बरामद हुआ।
मुकदमे के दौरान पुलिस की ओर से कुल छह गवाह प्रस्तुत किए गए, जिनमें सभी पुलिस विभाग के थे। इनमें तत्कालीन थाना प्रभारी अहमद अली, जांच अधिकारी छाया किस्कू और चार अन्य आरक्षी शामिल थे। परंतु अदालत में ये सभी अपने आरोपों को ठोस सबूतों से प्रमाणित नहीं कर सके।
बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि न तो मादक पदार्थ की वैज्ञानिक जांच की गई और न ही FSL रिपोर्ट जैसी कोई निर्णायक साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत की गई। इन तमाम तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।
यह फैसला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि मादक पदार्थ से जुड़े मामलों में दोषसिद्धि के लिए पुख्ता और वैज्ञानिक साक्ष्य आवश्यक हैं।

