अध्यात्म डेस्क | रिपोर्टर
सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। हिंदू घरों के आंगन में तुलसी की मौजूदगी सुख, शांति और समृद्धि की परिचायक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पास होने वाली छोटी-छोटी गतिविधियां भी हमारे जीवन में आने वाले शुभ और अशुभ समय का संकेत देती हैं। इन्ही संकेतों में से एक है—तुलसी के पौधे के पास छिपकली का दिखना।
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ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि आपको तुलसी के पास छिपकली दिखाई देती है, तो यह एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि आपके घर में जल्द ही धन-लाभ होने वाला है और सुख-समृद्धि का आगमन होगा। छिपकली का तुलसी के पास दिखना घर में सकारात्मक ऊर्जा के बढ़ने का भी संकेत है। कुछ संस्कृतियों में छिपकली को बुरी शक्तियों से रक्षा करने वाला जीव माना गया है, इसलिए इसे परिवार की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। यदि छिपकली तुलसी पर दिखे और शांति से चली जाए, तो माना जाता है कि आपकी रुकी हुई मनोकामनाएं जल्द पूरी होंगी।
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हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में एक सावधानी भी बताई गई है। यदि छिपकली बार-बार तुलसी के पौधे पर चढ़ती दिखे, तो यह घर में संभावित कलह या परिवार के सदस्यों के बीच विवाद का संकेत हो सकता है। ऐसे में शांति बनाए रखने के प्रयास करने चाहिए।
इसके अलावा, तुलसी के पौधे में ‘मंजरी’ का आना भी आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी में मंजरी आने का अर्थ है कि आपके जीवन के संकटों के अंत का समय आ गया है। संकटों से मुक्ति और घर में बरकत के लिए एक विशेष उपाय बताया गया है: तुलसी की मंजरी को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर अपने घर की तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से घर में साक्षात मां लक्ष्मी का वास होता है और कभी धन की कमी नहीं होती।
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