Tehran (Iran): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जुबानी जंग अब सैन्य टकराव में बदलती नजर आ रही है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर रवाना कर दी है। इस घोषणा के तुरंत बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें अमेरिका को “होश में रहने” की हिदायत दी गई है।
“नक्शे से मिटा देंगे”– ट्रंप का सख्त रुख
दावोस (विश्व आर्थिक मंच) से लौटते समय ‘एयर फ़ोर्स वन’ पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एहतियात के तौर पर ईरान की ओर एक विशाल बेड़ा भेज रहा है। ट्रंप ने इंटरव्यू में यहाँ तक कह दिया कि यदि उनकी हत्या की कोई भी कोशिश की गई, तो अमेरिका ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। उन्होंने कहा, “मेरे सख्त निर्देश हैं कि अगर कुछ भी अप्रिय हुआ, तो हम उन्हें नक्शे से मिटा देंगे।”
ईरान का जवाब: “उंगलियां ट्रिगर पर हैं”
ट्रंप की इस धमकी पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि उनकी उंगलियां ट्रिगर पर हैं और वे पहले से कहीं अधिक तैयार हैं। पाकपुर ने चेतावनी दी कि अमेरिका को पिछले युद्धों से सीख लेनी चाहिए, वरना उन्हें पहले से भी अधिक दर्दनाक अंजाम भुगतना पड़ेगा।
सर्वोच्च नेता पर आंच आई तो मचेगी तबाही
ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबुलफजल शेकारची ने कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ओर हाथ भी बढ़ाया गया, तो वे न केवल उस हाथ को काट देंगे, बल्कि अमेरिका की दुनिया में आग लगा देंगे। वहीं, जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी हमले की स्थिति में क्षेत्र के सभी अमेरिकी ठिकाने ईरान के वैध लक्ष्य (Target) होंगे।
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गौरतलब है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। हाल के दिनों में ईरान में आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी इस गार्ड्स की क्रूरता की खबरें आई थीं। अब ट्रंप की नई नीतियों ने इस आग में घी डालने का काम किया है।



