Ottawa, (Canada): दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में इन दिनों एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकन ड्रीम को बचाने के लिए प्रवासियों पर सख्त रुख अपना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खुद अमेरिकी नागरिक अपना देश छोड़कर पड़ोसी देश कनाडा की नागरिकता लेने के लिए कतारों में खड़े हैं। ट्रंप जिस कनाडा का अक्सर मजाक उड़ाते रहे हैं, आज वही देश अमेरिकियों के लिए सुरक्षा कवच बनता जा रहा है। इस बड़े बदलाव के पीछे कनाडा सरकार द्वारा नागरिकता कानूनों में किया गया एक ऐतिहासिक संशोधन है।

कनाडा ने खोला ‘स्वर्ण द्वार’: अब विदेश में पैदा हुए बच्चों को भी मिलेगी नागरिकता

दरअसल, कनाडा ने अपने सेकंड जनरेशन कट-ऑफ (दूसरी पीढ़ी के कट-ऑफ) नियम को समाप्त कर दिया है। पुराने नियमों के मुताबिक, यदि कोई कनाडाई नागरिक विदेश में पैदा हुआ था, तो वह अपनी नागरिकता अपने उन बच्चों को नहीं दे सकता था जिनका जन्म भी कनाडा से बाहर हुआ हो। इस सख्त कानून के कारण हजारों लोग कनाडाई विरासत से वंचित थे। अब नए कानून के तहत, विदेश में पैदा हुए माता-पिता भी अपने बच्चों को कनाडाई नागरिकता दिला सकते हैं। इसके लिए उन्हें बस यह साबित करना होगा कि वे अपने जीवनकाल में कम से कम 1,095 दिन कनाडा में रहे हैं।

अमेरिकी प्रोफेशनल्स में कनाडा जाने की होड़, ट्रंप की नीतियों ने मचाया ‘एक्सोडस’

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के आते ही अमेरिकी प्रोफेशनल्स, डॉक्टरों और इंजीनियरों के बीच कनाडा जाने की होड़ मच गई है। इसके पीछे केवल कानूनी सरलता नहीं, बल्कि अमेरिका में बढ़ता राजनीतिक ध्रुवीकरण और अनिश्चितता का माहौल भी है। ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियों और घरेलू अस्थिरता ने संपन्न अमेरिकियों को भविष्य के लिए एक प्लान-बी सोचने पर मजबूर कर दिया है। वे कनाडा की राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

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कानूनी फर्मों के अनुसार, नागरिकता आवेदनों की संख्या में भारी उछाल आया है। इसे खोए हुए कनाडाई लोगों की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। इस पलायन से कनाडा को दोहरा लाभ होने की उम्मीद है। एक ओर जहां उसे उच्च कौशल वाले पेशेवर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी अर्थव्यवस्था और वर्कफोर्स को भी जबरदस्त मजबूती मिलेगी। अमेरिका में मचे इस सियासी घमासान के बीच कनाडा का यह नया रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

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