तेहरान, (ईरान) — पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के 11वें दिन अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग ने एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि “युद्ध लगभग खत्म हो चुका है”, ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तीखा पलटवार किया है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि इस युद्ध के अंत की पटकथा अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान अपनी शर्तों पर लिखेगा।
मंगलवार को जारी एक कड़े बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा, “हम ही हैं जो युद्ध का अंत तय करेंगे। इस क्षेत्र के भविष्य के समीकरण अब हमारे सशस्त्र बलों के हाथों में हैं।” आईआरजीसी के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल सरदार इब्राहिम जब्बारी ने यहां तक दावा कर दिया कि ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अगले 10 साल तक युद्ध करने की क्षमता और मानसिक तैयारी रखता है।
ट्रंप का दावा: ईरान की सैन्य कमर टूटी— इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के 80 प्रतिशत मिसाइल सिस्टम और ड्रोन कारखानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब न तो प्रभावी नौसेना बची है और न ही संचार व्यवस्था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने निर्धारित समय से काफी आगे चल रही है और सैन्य दृष्टि से अब ईरान के पास कुछ खास शेष नहीं बचा है।
मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में नई रणनीति— गौरतलब है कि यह युद्ध 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब एक हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस बड़ी क्षति के बाद 9 दिनों के अंतराल के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के इस फैसले को आईआरजीसी का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। नई कमान के तेवरों से साफ है कि ईरान इस संघर्ष को एक लंबी और थका देने वाली जंग में बदलने के मूड में है।
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अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप का “शांति का दावा” सच साबित होता है या मिडिल ईस्ट की यह आग और भीषण रूप अख्तियार करती है।



