Ranchi News: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया। राज्यपाल ने कहा कि आज देश और दुनिया की निगाहें झारखंड पर टिकी हैं क्योंकि यहां हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने आधारभूत ढांचा, ऊर्जा, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में चल रहे सुधार और निवेश की जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आर्थिक वृद्धि दर और विकास के कई महत्वपूर्ण सूचकांकों में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

कानून-व्यवस्था पर जोर और नक्सलवाद पर बड़ी कार्रवाई

राज्यपाल ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य के विकास की नींव होती है। इसी उद्देश्य से सरकार ने भाईचारा, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। नक्सलवाद और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए, जिनके परिणामस्वरूप अब तक 197 नक्सली गिरफ्तार हुए, 17 मारे गए और 10 ने आत्मसमर्पण किया।

भू-माफियाओं, अवैध वन कटाई, अवैध खनन, बिजली चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी है। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए 10 से 26 जून 2025 तक पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाया गया और अफीम की अवैध खेती के हजारों एकड़ को नष्ट किया गया।

किसानों के लिए राहत और कृषि विकास की योजनाएं

राज्यपाल ने किसानों को अन्नदाता ही नहीं, जीवनदाता बताते हुए कहा कि उनकी आजीविका सुधारने के लिए सरकार बहुआयामी प्रयास कर रही है। किसान समृद्धि योजना के तहत 90% अनुदान पर सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट वितरित किए जा रहे हैं।

कृषि ऋण माफी योजना के तहत लगभग पांच लाख किसानों का 2,300 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंचाई सुविधाओं का भी लगातार विस्तार हो रहा है।

मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए 1,275 करोड़ मत्स्य बीज के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 2024-25 में राज्य में 3.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक मछली का उत्पादन हुआ, जिससे किसानों और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि हुई।

भूखमरी रोकने के प्रयास

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी नागरिक की मृत्यु भूख से न हो, इसके लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम’ के तहत 2.6 करोड़ लाभुकों को मुफ्त चावल और गेहूं दिया जा रहा है। ‘पीवीटीजी डाकिया योजना’ के तहत 75,000 परिवारों को हर महीने 35 किलो चावल घर-घर पहुंचाया जा रहा है।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में कदम

“सर्वे सन्तु निरामया” के सिद्धांत पर चलते हुए मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत लाल, पीला और हरा राशन कार्डधारी परिवारों को प्रति वर्ष 15 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।

मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए पीपीपी मोड पर छह नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और 10,000 करोड़ रुपये की लागत से रिम्स-2 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है। रांची के सदर अस्पताल में केंद्रीय रेडियोलॉजी हब की भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को अगले पांच वर्षों में लागू कर सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को आधुनिक बनाया जाएगा।

शिक्षा में सुधार और नई पहल

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र की प्रगति की बुनियाद है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षकों के पेशेवर विकास पर बल दिया जा रहा है और अगले पांच वर्षों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।

नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर तीन जिलों में नए विद्यालयों की स्थापना की मंजूरी दी गई है और 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने की योजना है। ड्रॉपआउट रोकने के लिए साइकिल वितरण योजना चलाई जा रही है, जिससे इस साल 4 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

राज्य का विकास, सबकी भागीदारी से संभव

अपने भाषण के अंत में राज्यपाल गंगवार ने कहा कि झारखंड का विकास तभी संभव है जब कानून-व्यवस्था मजबूत हो, युवाओं को अवसर मिले और किसान समृद्ध हों। उन्होंने सभी नागरिकों से भाईचारा बनाए रखने और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहयोग करने की अपील की।

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