चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र के बम्हनी मोड़ के समीप एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर चैनपुर से अपने गांव बिंदोरा लौट रहे थे। इसी दौरान बम्हनी मोड़ के पास बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के एसआई विजय उरांव और एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।

घायलों की पहचान बिंदोरा ग्राम निवासी करण उरांव (20 वर्ष), पिता संतोष उरांव; धनकुंवर लोहरा (28 वर्ष), पिता सीताराम लोहरा; और अर्जुन लकड़ा (19 वर्ष), पिता मर्यानुश लकड़ा के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि अर्जुन लकड़ा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

हालांकि, जब घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब वहां कोई भी चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। इस स्थिति को देख परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। प्राथमिक उपचार में विलंब होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।

बाद में 108 एम्बुलेंस की सहायता से तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।

अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल गुमला के सिविल सर्जन से फोन पर बात कर लापरवाही की शिकायत की तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

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