रांची: झारखंड में इस वक्त सूरज के तेवर तीखे ही नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रहे हैं। राजधानी रांची समेत पूरा राज्य भीषण गर्मी और ‘लू’ की चपेट में है। आलम यह है कि सुबह 10 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगता है और चिलचिलाती धूप शरीर को झुलसाने लगती है। राज्य के अधिकांश जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के जादुई आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
डाल्टनगंज बना ‘भट्टी’, बोकारो में भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
ताजा आंकड़ों की बात करें तो पलामू का डाल्टनगंज सोमवार को राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहाँ लू के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। वहीं, बोकारो थर्मल में भी पारा 43.1 डिग्री तक पहुंच गया है। सरायकेला, चाईबासा और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना हुआ है, जिससे फैक्ट्री वर्कर्स और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रांची का हाल : पंखे-कूलर भी हुए बेअसर
झारखंड की ठंडी राजधानी कही जाने वाली रांची अब खुद तप रही है। सोमवार को रांची का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी अधिक है। सुबह से ही आसमान साफ रहने के कारण धूप इतनी कड़ी थी कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना दूभर हो गया। हालांकि, लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे कम तापमान रहा, लेकिन दोपहर की गर्मी वहां भी कम नहीं है।
मौसम विभाग की चेतावनी : अभी राहत नहीं, 22 अप्रैल तक ‘येलो अलर्ट’
मौसम केंद्र रांची के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक इस भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। विभाग ने 22 अप्रैल 2026 तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम (पलामू प्रमंडल), दक्षिणी (कोल्हान) और मध्य झारखंड (रांची और आसपास) के इलाकों में लू का प्रकोप बना रहेगा।
विशेषज्ञों की सलाह : दोपहर में निकलने से बचें
बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
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दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
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शरीर में पानी की कमी न होने दें; ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ और अधिक पानी का सेवन करें।
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बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें और ढीले कपड़े पहनें।
यह मौसम केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी छतों पर पक्षियों के लिए पानी जरूर रखें।



