डुमरी प्रखंड मुख्यालय डुमरी स्थित शिव मंदिर परिसर में गुरुवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व भाई दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा-अर्चना कर अपने भाइयों के लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। पर्व के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा। यह पर्व भारतीय संस्कृति की पारिवारिक एकता और स्नेह का प्रतीक है। यह पर्व हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। जिसमें बहनें गाय के गोबर से एक जम जमीनी की एक प्रतिमा बनाकर उसे डंडे से कूटती हैं साथ ही यह परिकल्पना करती हैं कि यदि भूल चुक से अपने भाई के प्रति कोई भी गाली व श्राप निकल गया हो उसके प्रायश्चित हेतु अपने जीभ में रंगीनी का कांटा चुभाती हैं। वहीं पारंपरिक गीत गाकर अपने इष्ट को प्रसन्न करती हैं। वहीं
शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ-साथ कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में भाई दूज पर्व का आयोजन किया। ग्रामीणों के अनुसार ऐसे पर्व समाज में आपसी प्रेम, सम्मान और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ाने का कार्य करते हैं। की। वहीं भगवान शिव की आराधना के साथ बहनों ने भाई की आरती उतारी और तिलक लगाकर उनके दीर्घायु होने की मंगल कामना की। इस अवसर पर भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार देकर स्नेह और आशीर्वाद का भाव व्यक्त किया।

डुमरी से आदित्य कुमार की रिपोट 

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