रांची: झारखंड की राजधानी रांची में ‘जनगणना 2027’ के महाभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने कार्यालय कक्ष में स्वयं का डिजिटल फॉर्म भरकर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया का शुभारंभ किया। प्रथम चरण में ‘आवास गणना’ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो देश की भावी योजनाओं का आधार बनेगी।
जनगणना: विकास का डिजिटल आधारशिला
इस अवसर पर उपायुक्त ने जिलेवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना महज आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का खाका इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है। श्री भजन्त्री ने कहा, “यह केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि हर नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।”
घर बैठे करें स्व-गणना (Self-Enumeration)
प्रशासन ने इस बार तकनीक का सहारा लेते हुए नागरिकों को ‘स्व-गणना’ की सुविधा प्रदान की है। उपायुक्त ने नागरिकों को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से लोग स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 1 मई से शुरू होकर 15 मई तक प्रभावी रहेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
गोपनीयता और सुरक्षा का भरोसा
नागरिकों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों पर विराम लगाते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान साझा की गई हर जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं, बल्कि केवल जन-कल्याणकारी नीतियों और विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
प्रशासन की तैयारी और अपील
रांची जिले में इस अभियान के लिए प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द ही ये टीमें घर-घर दस्तक देंगी। उपायुक्त ने अपील की है कि जब भी जनगणना टीम आपके द्वार आए, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी दें। उन्होंने चेताया कि एक छोटी सी गलत जानकारी विकास के बड़े लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है।



