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पलामू। झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ सफलता हासिल की है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के निर्माण स्थलों पर रंगदारी के लिए गोलीबारी करने की योजना बना रहे सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गिरोह के 8 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इन अपराधियों के पास से पुलिस ने अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
साजिश का पर्दाफाश : एक तीर से दो निशाने
पलामू एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि जेल में बंद सुजीत सिन्हा और विदेश (दुबई) में रह रहे प्रिंस खान का गिरोह अब हाथ मिला चुका है। इनकी योजना चियांकी ओवरब्रिज और सिंगरा स्थित निर्माण कंपनी के कैंप पर फायरिंग कर मजदूरों और ठेकेदारों में दहशत फैलाकर मोटी रकम वसूलने की थी।
एसपी के अनुसार, इस गिरोह ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक शातिर चाल चली थी। योजना यह थी कि यदि वे फायरिंग में सफल हो जाते, तो इलाके में सुजीत सिन्हा का खौफ बढ़ता, लेकिन पकड़े जाने पर उन्हें प्रिंस खान का नाम लेना था। इससे सुजीत सिन्हा कानूनी कार्रवाई से बच जाता और पुलिस विदेश में बैठे प्रिंस खान तक आसानी से नहीं पहुंच पाती।
विशेष टीम ने बिछाया जाल
गुप्त सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सदर, पड़वा और टीओपी वन की पुलिस शामिल थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चियांकी और सिंगरा के पास अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर आठों अपराधियों को दबोच लिया।
जेल में बनी थी अपराधियों की टोली
पकड़े गए अपराधियों में अमित चौधरी, आकाश शुक्ला, कौशल पासवान, नीरज चन्द्रवंशी, छोटन पासवान, अख्तर अंसारी, अविनाश गिरि और बॉबी कुमार राम शामिल हैं। ये सभी अपराधी पहले भी कई संगीन मामलों में जेल जा चुके हैं और जेल के भीतर ही इनका संपर्क सुजीत सिन्हा गिरोह से हुआ था। पूछताछ में पता चला कि अमित चौधरी, ‘कुबेर’ नाम के व्यक्ति के संपर्क में था और इस घटना को अंजाम देने के बाद उसे विदेश भागने की योजना थी।
बरामदगी:
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दो देशी पिस्टल और दो देशी कट्टा
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चार मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस
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सात मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिल
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एक धमकी भरा पर्चा (रंगदारी के लिए)

